नयी दिल्ली, 23 मई. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भले ही पूर्व भारतीय कप्तान कपित देव को अन्य पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों की तरह आईपीएल-पांच के प्लेआफ के लिए आमंत्रित न किया हो लेकिन कपिल का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता है.

1983 में भारत को अपनी कप्तानी में पहला विश्वकप दिलाने वाले कपिल ने कहा कि बोर्ड मालिक है. उसे वही करने दो, जो वह करना चाहता है. इस विषय पर बात करने का कोई मतलब ही नहीं है. कपिल ने कहा कि मैं संतुष्ट रहने वाला इंसान हूं और मुझे इस तरह की बातों से फर्क नहीं पड़ता. मुझे भारत के लिए खेलना अच्छा लगता है. इससे अधिक मुझे किसी बात से मतलब नहीं है. मैं नकारात्मक बातें करने में सहज महसूस नहीं करता. मैं सकारात्मक सोच रखने वाला इंसान हूं और मैं नकारात्मक बातें नहीं करना चाहता. उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने आईपीएल-5 के प्ले आफ के दौरान पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों को आमंत्रित किया है और एक भी टेस्ट खेल चुके क्रिकेटर को बोर्ड की ओर से सम्मान चैक दिये जाने हैं लेकिन टेस्ट इतिहास में भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज कपिल देव का नाम उन आमंत्रित खिलाडिय़ों की सूची से गायब है जिन्हें प्ले आफ के दौरान सम्मानित करने की घोषणा बीसीसीआई ने की थी.

किरण मोरे ने माफीनामा भेजा बीसीसीआई से मिलेगा पैसा

नई दिल्ली, ए. पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पास आममाफी के लिए आवेदन किया है और उन्हें विश्वास है कि वह भविष्य में बीसीसीआई के दायरे में आ जाएंगे.

मोरे 2007 में इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) से जुड़ गए थे और इस वजह से उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया था. मोरे और कपिल देव ही दो ऐसे पूर्व टेस्ट खिलाड़ी थे जिन्होंने 2009 में बीसीसीआई की आममाफी की पेशकश को स्वीकार नहीं किया था. लेकिन अब 50 वर्षीय मोरे फिर से बीसीसीआई से जुडऩे के लिए तैयार हैं. इससे चयनसमिति के पूर्व अध्यक्ष रहे मोरे बीसीसीआई की एकमुश्त लाभार्थ योजना का फायदा भी उठा सकेंगे.

मोरे ने कहा कि मैं पहले ही बीसीसीआई को लिख चुका हूं कि मैंने आईसीएल से नाता तोड़ दिया है और आममाफी की पेशकश स्वीकार करने के लिए तैयार हूं. मैंने डेढ़ महीने पहले पत्र लिख दिया था. मुझे आश्वासन दिया गया है कि मुझे जल्द ही माफी दे दी जाएगी. अभी आईपीएल चल रहा है इसलिए इस प्रक्रिया में समय लग रहा है.

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