नई दिल्ली, 4 अप्रैल. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लश्करे तैय्यबा प्रमुख हाफिज सईद पर अमेरिका द्वारा एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किए जाने का स्वागत किया. प्रधानमंत्री ने बुधवार को कहा कि भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में लिप्त सभी लोगों को दंडित किया जाना चाहिए.

राष्ट्रपति भवन में पदम पुरस्कार वितरण समारोह के बाद डॉ. सिंह ने पत्रकारों से कहा कि हमारे देश के विरूद्ध आतंकी गतिविधियों में लिप्त सभी लोगों को दंडित किया जाना चाहिए. गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका ने अपने न्याय कार्यक्रम के लिए पुरस्कार देने के तहत सईद के बारे में जानकारी देने और उसे गिरफ्तार कराने पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने भी मंगलवार को अमेरिका की इस घोषणा का स्वागत किया था. कांग्रेस ने भी अमेरिका के इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उसने भारत की चिंताओं का समर्थन करते हुए अपनी आवाज उठाई है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा था कि भारत अपने इस दावे पर कायम है कि मुंबई हमलों के पीछे लश्करे तैयबा का हाथ है. अमेरिका ने सईद समेत एक अन्य आतंकी पर इनाम घोषित कर भारत की चिंताओं का समर्थन किया है.

मुंबई हमले के कारण सईद पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम

वॉशिंगटन. अमेरिका ने साफ कर किया है कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हफीज सईद के सिर पर घोषित 1 करोड़ डॉलर (करीब 50 करोड़ रुपए) का इनाम मुख्य रूप से 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में उसकी भूमिका के लिए रखा गया है. इसके साथ ही अमेरिका ने कहा है कि वह लश्कर के संस्थापक को न्याय के दायरे में लाना चाहता है जो न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना करता रहा है.

विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने बताया, यह इनाम पूरी तरह मुंबई के लिए और न्यायिक प्रक्रिया की घोर अवहेलना किए जाने के लिए है. उन्होंने कहा, यह इनाम इसलिए है क्योंकि हम उसे न्याय के दायरे में लाना चाहते हैं. उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि हफीज पर भारत में आरोप तय किए गए हैं. उन्होंने हफीज की इस टिप्पणी को खाजिर कर दिया कि अफगानिस्तान के महत्वपूर्ण नाटो सप्लाई मार्ग को फिर से खोलने का लश्कर प्रमुख द्वारा विरोध किए जाने के कारण अमेरिका ने यह इनाम घोषित किया है. नूलैंड ने पाकिस्तान के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि उसे इसके बारे में सूचित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पाकिस्तान के साथ संवाद हुआ है. पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को दावा किया था कि इस संबंध में उनके देश को कोई आधिकारिक सूचना नहीं है. नूलैंड ने कहा कि सईद पर इनाम के बारे में सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद खुद विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने फैसला किया.

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