सीधी 11 अक्टूबर. उत्कृष्ट संगमरमर के लिये मशहूर करमाई के संगमरमर खदानों मे डायनामाइट से विस्फोट करने का प्रचलन काफी बढऩे से सीमा पर स्थित नेशनल पार्क का बफरजोन दहल रहा है.

लगातार विस्फोट होने के कारण नेशनल पार्क में जानवरों की संख्या भी कई किलोमीटर तक काफी कम हो चुकी है. रात में कई बार भटकते हुए सीमा पर आने वाले जानवर संगमरमर की खाईनुमा खदान में गिरकर अपनी जान भी गवां रहे हैं. हमारे मझौली प्रतिनिधि रामभूषण तिवारी के अनुसार  मझौली ब्लाक के आदिवासी बाहुल्य करमाई में बेशकीमती मारबल पत्थरो का अथाह भण्डार होने के कारण आधा दर्जन से ज्यादा खदाने सुरक्षा इंतजामों को ताक पर रखकर संचालित हो रही है. लीज के नाम पर कुछ जमीने लेने के बाद  ठेकेदार आसपास की जमीनो को भी अबैध रूप से खोखला करना शुरू  कर देते है. यह सिलशिला करीब एक दशक से बेरोकटोक चल रहा है. मारबल की अवैध खदाने संचालित होने से करमाई के कई आदिवासी परिवार अपनी पुस्तैनी जमीन भी खो बैठे है. पीडि़त आदिवासियों की आवाजे संबंधित अधिकारियों के मूक दर्शक होने के कारण अब दबने लगी है. काफी अरसे से करमाई में संचालित मण्डला की किशोर काल्पीवार मारबल कम्पनी के ठेकेदार द्वारा की जा रही है मनमानी समूचे ब्लाक में चर्चित  है. मण्डला के ठेकेदार द्वारा करीब नौ  वर्ष से करमाई में पॉच हेक्टेयर जमीन लेकर खदान का संचालन शुरू किया गया था. लीज की जमीन से बड़े पैमाने पर मारबल पत्थर निकालने के कारण यह अस्सी फिट गहरी खाई में तब्दील हो चुकी है. लिहाजा ठेकेदार के ईशारे पर लीज जमीन से लगे रिजर्व फारेस्ट में भी खदान का संचालन अवैध रूप से करने की रणनीति बनाई जा रही है.

बताया गया है कि संबंधित खदान से डायनामाईट से विस्फोट कर मारबल पत्थर तोडऩे का प्रचलन बिना किसी सुरक्षा इन्तजाम के करने के कारण अक्सर खदान में काम करने वाले मजदूर चोटाहिल होते है. मारबल खदान के संचालन में लगी कम्पनियों द्वारा डायनामाईट का भारी भण्डारण भी अपने कैंम्प  में बिना किसी सुरक्षा ब्यवस्था के करने का क्रम भी शुरू है. करमाई में संचालित आधा दर्जन से ज्यादा मारबल की खदानो में श्रम अधिनियमों की भी खुलेआम धज्जियॉ उड़ाई जा रही है. रसूखदार ठेकेदार काम करने वाले भोले-भाले आदिवासी मजदूरो से बारह घण्टे से ज्यादा काम लेने का नियम बनाये हुए है. हाड़तोड़ काम करने के बाद मजदूरो को रोजाना चालिस रूपये के मान से भुगतान मिलता है.दूरी बचाने के लिए बालश्रमिकों को काम पर ज्यादा संख्या में रखा जाता है.

खदान संचालकों को नोटिस: एसडीएम
मझौली एसडीएम प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि करमाई में संगमरमर खदानों में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किया गया है. साथ ही खनिज विभाग को पत्र लिखकर अन्य जानकारी मांगी गयी है. जल्द ही इस संबंध में खनिज निरीक्षक की मौजूदगी में खदानों का निरीक्षण किया जायेगा.

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