सोनिया ने दिया सांसदों को आक्रामक होने का आदेश

नई दिल्ली, 23 अगस्त. कोयला ब्लाक आवंटन मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने आज लगातार तीसरे दिन भी हंगामा किया, जिसकी वजह से संसद की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई.

भाजपा प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. विपक्ष के रवैये को देखते हुए सत्तापक्ष ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी सांसदों से कहा कि विपक्ष का तरीका सरासर गलत है और सरकार को बचाव की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए हमें भी आक्रामक रुख ही अपनाना चाहिए. इसके बाद माना जा रहा है कि संसद में सत्ता पक्ष के सदस्यों का सख्त रुख देखने को मिल सकता है. हालांकि  संसद में पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध को दूर करने की कोशिश हो गई है. प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर अड़ी बीजेपी से सरकार ने संपर्क किया है. बताया जा रहा है कि सरकार के प्रस्ताव पर सोमवार को बीजेपी जवाब देगी. इस बीच, एनडीए के नेताओं ने सरकार को घेरने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया. खास बात यह रही है कि इस बैठक में जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके भी शामिल हुई.

बेनतीजा बैठक
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने सदन में गतिरोध को समाप्त करने के लिए आज सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला. लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी इसी तरह की बैठक बुलाई लेकिन बीजेपी इसमें शामिल ही नहीं हुई. इससे पहले की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा में गुरुवार को भी जमकर हंगामा किया. इस कारण तीसरे दिन भी दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चल पाई. हंगामे के कारण सदन के दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर साढ़े 12 बजे तक, उसके बाद दोपहर 2 बजे तक और अंत में करीब दो बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. सुबह 11बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी के सदस्यों ने शोरगुल शुरू कर दिया और वे अध्यक्ष के आसन के पास जाकर नारेबाजी करने लगे.

इसकी वजह से लोकसभा की स्पीकर मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी. 12 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर पहले जैसा हंगामा जारी रहा और सभापति फ्रांस्सिको सार्दिन्हा ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाने के तुरंत बाद कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया.  राज्य सभा में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला जिसकी वजह से सभापति हामिद अंसारी को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.

दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर फिर वही नजारा दिखा और हंगामे के बीच ही उपसभापति पी जे कुरियन ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए. सदस्यों से शांत होने की अपील करते हुए कुरियन ने शून्यकाल शुरू करने को कहा और उन्होंने सीपीएम के तपन कुमार सेन से अपनी बात रखने को कहा. तपन कुमार सेन अपनी बात कहते सुने गए लेकिन हंगामे के कारण उनकी बात सुनी नहीं जा सकी. हंगामा थमते नहीं देख कुरियन ने बैठक दोपहर साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. दो बार के स्थगन के बाद दोपहर साढ़े 12 बजे बैठक फिर शुरू होने पर बीजेपी अपनी मांग पर अड़ा रही. फिर हंगामे के कारण कुरियन ने दोपहर दो बजे तक के लिए बैठक स्थगित कर दी.

संसद की कार्रवाई निर्बाध चलाएगा संप्रग

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के विभिन्न घटक दलों ने कोयला ब्लाक आवंटन को लेकर विपक्ष का निशाना बन रहे प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के साथ पूरी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए आज कहा कि संसद की कार्रवाई को बिना किसी व्यावधान के चलने देना चाहिए.  संप्रग की समन्वय समिति की आज रात यहां प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के आवास पर हुई बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार कोयला आवंटन से जुडे सभी मुद्दों पर सदन में जवाब देने के लिए तैयार है.  बैठक में आम सहमति थी कि संसद की कार्रवाई को निर्वाध रूप से चलने देना चाहिए.

Related Posts: