इलाहाबाद हाईकोर्ट में सलमान पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली, 16 फरवरी. केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने मुस्लिमों का कोटा बढ़ाए जाने की बात दोहराकर चुनाव आयोग को चुनौती दी है.

फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज विधान सभा क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा कि मुसलमानों का कोटा बढ़ाया जाएगा. उन्होंने चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहा, ‘आयोग मेरे से सवाल पूछकर देखे, मैं उनके सवालों का जवाब दूंगा.’ खास बात यह है कि जिस समय वर्मा यह बात कह रहे थे उस समय मंच पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद भी मौजूद थे. उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मुसलमानों को आरक्षण के मामले में विवादास्पद बयान देने वाले केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को पद से हटाने का आदेश देने की गुजारिश सम्बन्धी याचिका पर गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया. न्यायमूर्ति उमा नाथ सिंह तथा न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ ने स्थानीय अधिवक्ता अशोक पाण्डेय द्वारा दायर जनहित याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि खुर्शीद ने संविधान की भावना के खिलाफ बयान दिया है लिहाजा प्रधानमंत्री को उन्हें तुरंत कानून मंत्री के पद से बर्खास्त कर देना चाहिये. याची की दलील है कि खुर्शीद के उस विवादास्पद बयान के बाद चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को एक पत्र भेजा था जिसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास भी भेजा गया था जो उनके पास अब भी लम्बित है. अदालत में केन्द्र का पक्ष रखते हुए अपर सालीसिटर जनरल अशोक निगम ने इस जनहित याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह बयान एक चुनावी रैली में दिया गया था और इसका कोई अन्य मंशा नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इस याचिका को खारिज किया जाना चाहिये.

चुनाव आयोग कर रहा है टिप्पणी की जांच
वर्मा की इस टिप्पणी पर गौर करने और एक निजी टीवी चैनल से उनके भाषण की सीडी मांगे जाने के बाद  चुनाव आयोग इस बात की जांच कर रहा है कि इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा द्वारा चुनावी सभा में अल्पसंख्यक कोटे के बारे में की गई टिप्पणी कहीं आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं करती. बेनी पर बैन की मांग-राजनीतिक षड्यंत्र और मुस्लिमों को बेवकूफ बनाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए  तृणमूल कांग्रेस ने बेनी पर उत्तर प्रदेश चुनावों में प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.

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