इस्लामाबाद, 24 अक्टूबर.  पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं करने के पाकिस्तान के इरादे का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई उनके देश के हित में नहीं होगी।

समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट में मुशर्रफ ने यह बात कही। उन्होंने हालांकि हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ भविष्य में किसी तरह की कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया लेकिन कहा कि उन्हें हक्कानी नेटवर्क पर कार्रवाई के बारे में कोई सूचना नहीं है। अमेरिकी ड्रोन हमले में आतंकवादियों के मारे जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की गरज से ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। पिछले महीने अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मुलैन ने पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आई एस आई पर हक्कानी नेटवर्क सहित कई आतंकवादी संगठनों के साथ सांठगांठ का आरोप लगाया था। मुलेन के इस आरोप से तिलमिलाये पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ सारे संबंध समाप्त करने की धमकी देते हुए कहा था इस तरह की आधारहीन बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। पाकिस्तान विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने तो हक्कानी नेटवर्क को अमेरिका की खुफिया एजेंसी सी आई ए के आंख का तारा तक करार दिया था।

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