भोपाल, 6 जुलाई,नभासं. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल गैसकांड के मामले में अमरीकी कंपनी डाव कैमिकल्स को आरोपी बनाने के संबंध में केन्द्रीय जांच ब्यूरो की ओर से दायर याचिका पर अगली सुनवायी 23 अगस्त को होगी.

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम.ए सिद्दीकी की एकलपीठ ने सीबीआई की ओर से इसी वर्ष जनवरी में पेश की गयी याचिका पर कल भी सुनवायी की. इसमें भोपाल गैसकांड से संबंधित मामले की सुनवाई जल्द किए जाने और अमरीकी कंपनी डाव कैमिकल्स के खिलाफ भोपाल की अदालत की ओर से लगभग सात वर्ष पहले जारी किए गए सम्मन पर उच्च न्यायालय द्वारा लगायी गयी रोक को हटाने की मांग की गयी है.

गैस पीडितों के विभिन्न संगठनों ने गैसकांड को लेकर भोपाल की जिला अदालत में चल रहे आपराधिक प्रकरण के सिलसिले में जनवरी 2004 में एक याचिका दायर कर कहा था कि अमरीकी कंपनी डाव कैमिकल्स ने गैसकांड के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड कंपनी का अधिग्रहण कर लिया है. इसलिए डाव कैमिकल्स को भी इस आपराधिक मामले में आरोपी बनाया जाए. इस पर जिले की अदालत ने डाव कैमिकल्स के खिलाफ सम्मन जारी किया था.

वहीं अमरीकी कंपनी डाव कैमिकल्स से जुडी माने जाने वाली भारतीय कंपनी डाव कैमिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की अपील पर कुछ ही माह बाद राज्य उच्च न्यायालय जबलपुर ने भोपाल कोर्ट की ओर से जारी सम्मन पर रोक लगा दी थी. इस रोक को हटवाने के लिए और डीसीआईएल को भी आरोपी बनाने की मांग को लेकर तबसे गैस पीडितों के संगठन सक्रिय हैं. उन्हीं के प्रयासों से सीबीआई ने इसी वर्ष जनवरी में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की.
वर्ष 1984 में दो और तीन दिसंबर की दरम्यानी रात्रि में भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली मिथाइल आइसोसायनेट गैस की रिसाव की वजह से हजारों लोग मारे गए थे और हजारों आज भी इसके दुष्प्रभाव झेल रहे हैं. इस मामले में यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन अध्यक्ष एवं अमरीका निवासी वारेन एंडरसन और यूनियन कार्बाइड कंपनी को मुख्य आरोपी बनाया गया था. इसके अलावा अन्य लोगों के खिलाफ भी आपरधिक मामले दर्ज किए गए थे. भोपाल की अदालत ने एंडरसन को भगोडा घोषित किया है.

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