स्कूल-कॉलेज-पेट्रोल पंप रहे बंद, पुलिस रही चौकस, दोपहर तीन बजे के बाद खुलने लगीं दुकानें, शाम को चलीं कुछ मिनी बसें

भोपाल,24 सितंबर,नभासं. खुदरा कारोबार में विदेशी निवेश को मंजूरी देने, डीजल की कीमतों में वृद्धि एवं रसोई गैस के सिलेंडर की सीमित संख्या किए जाने व उसका  दाम बढ़ाए जाने को लेकर सोमवार के रोज राजधानी के व्यावसायिक प्रतिष्ठान व छोटी दुकानों को भी बंद रखा गया.

भाजपा ने भोपाल बंद का आव्हान किया था जिस पर शहर के लगभग सभी छोटे-बड़े बाजार बंद रहेे. बंद को लेकर जहां जिला भाजपा के अध्यक्ष आलोक शर्मा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पीरगेट से सिलेंडर की अर्थी निकाली. तो वहीं, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष वंदना जाचक समेत कई महिलाओं ने भैंस के आगे बीन बजाई.  बंद के मद्देनजर व्यापारिक संस्थाएं, पेट्रोल पंप, निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहे तो वहीं, मिनी बसें और मेजिक सड़कों से पूरी तरह गायब रहीं. पुराने भोपाल में हनुमानगंज, जुमेराती, आजाद मार्केट, लखेरापुरा, सराफा बाजार, हमीदिया रोड, केटराइज्ड मार्केट, सिंधी मार्केट, लोहा बाजार, कपड़ा बाजार, ऑटो मोबाइल शो रूम सहित न्यू मार्केट, एमपीनगर, सात नंबर मार्केट,इंद्रपुरी, पिपलानी व बरखेड़ा क्षेत्र की फुटकर दुकानें बंद रहीं.गौरतलब है कि राजग द्वारा 20 सितंबर को पूरे देश में इस मसले को लेकर बंद आयोजित हुआ था लेकिन भोपाल में श्रीलंका के राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे एवं भूटान के प्रधानमंत्री जिगमे वाइ थिनले के इस दौरान प्रवास के कारण  बंद को तब स्थगित किया गया था.तब मुख्यमंत्री ने राजग से आग्रह किया था कि 20 सितंबर को बंद से मुक्त रखा जाये जो कार्यक्रम के पश्चात 24 सितंबर को आयोजित किया गया.

भोपाल बंद को सभी व्यापारी संगठनों ने अपना समर्थन देते हुए अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और एफडीआई का विरोध किया. भाजपा के बंद का समर्थन करते हुए व्यापारियों ने कहा कि केंद्र की कांग्रेस सरकार ने एफडीआई को मंजूरी देकर छोटे दुकानदारों के पेट पर लात मारी है. रसोई गैस के सिलेंडर को सब्सिडी से मुक्त करने के लिए सरकार को कोई फार्मूला बनाना चाहिए न कि सभी को एक जैसा फार्मूला मानकर सब्सिडी वाले साल में सिर्फ छह सिलेंडर का निर्णय करना था.

एफडीआई के विरोध में आज भोपाल बंद 80 फीसदी सफल रहा. भोपाल बंद के दौरान विदिशा, रायसेन सहित पूरे संभाग में लगभग 150 करोड़ रूपए का कारोबार प्रभावित रहा. अकेले भोपाल में ही 90 करोड़ से भी ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है. वहीं, विदिशा में 15 , रायसेन में 10 करोड़ तक का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है. जिसमें किराना में 20 करोड़, वाहन में चार, खराफा में तीन और कपड़े में दो करोड़ रूपए तक का प्रभाव पड़ा.
भोपाल बंद का असर राजधानी के निजी शिक्षण संस्थाओं के साथ-साथ शासकीय स्कूल-कॉलेजों में भी नजर आया.हालांकि कहीं-कहीं सीबीएसई स्कूलों एसए वन का एक्जाम होने से उन्हें खुला रखा गया. निजी संस्थानों ने तो पूर्व से ही छुट्टी घोषित कर दी थी, लेकिन सरकारी स्कूलों व कॉलेजों में भी बंद जैसी ही स्थिति रही. यहां पर विद्यार्थियों की स्थिति लगभग न के बराबर ही रही. छुट्टी की जानकारी न होने के कारण कई स्कूलों में विद्यार्थी पहुंच गए थे, लेकिन स्कूल बंद देख वापस लौट गए. इधर सरकारी कॉलेज में स्टाफ तो पहुंचा, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर ही रही.

शहर में आज बंद के दौरान सड़कों पर न तो मेजिक और न बस चलती नजर आई. इससे यात्रियों को ऑटो का सहारा लेना पड़ा. ऑटो चालकों ने भी इसका फायदा उठाया और दोगुना किराया वसूला. यात्रिओं को भी बस और मेजिक न मिलने से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दोगुना कि राया देने को मजबूर होना पड़ा.

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने स्थानीय कबाडख़ाना क्षेत्र से इतवारा तक विशाल रैली निकालकर जनविरोधी आर्थिक नीतियों के खिलाफ गगनभेदी नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया. बंद को सफल बनाने के लिए दो दिन तक भारतीय कम्यनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सघन जनसंपर्क कर परचे वितरित किये थे. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और ट्रांसपोर्ट हम्माल मजदूर सभा की रैली कबाडख़ाना, लियाकत मार्केट से शुरू होकर सिंधी कालोनी, जूमेराती, जवाहर चौक, सिंधी मार्केट, पीरगेट, लखेरापरा, चौक होकर इतवारा चौराहा पहुंची. भाकपा नेताओं ने पूंजीवादी-बुर्जूआ सरकारों की जनविरोधी नीतियों और प्रवृत्तियों के खिलाफ लामबंद होने की अपील की.

शासकीय कार्यालयों में कार्य करने वाले कर्मचारी व शासकीय स्कूल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थी आज उस समय परेशान नजर आए जब उनको आफिस व कॉलेज जाने के लिए बस स्टाप पर जाकर निराशा हाथ लगी. बंद के चलते कोई सार्वजनिक वाहन सड़कों पर चलता नजर नहीं आया. कॉलेज जाने के लिए बस के इंतजार में खड़ी रश्मि यादव का कहना था कि मैं बस स्टॉप पर एक घंटे से खड़ी हूं. लेकिन कोई साधन नहीं मिला. अंतत: मुझे मजबूरी में घर लौटना पड़ा.

भाजपा पार्टी भोपाल जिला ग्रामीण के महामंत्री अशोक कु मार सोनी के नेतृत्व में महंगाई एवं एफडीआई के विरोध में शांतीपूर्ण ढंग से बंद का आव्हान किया गया तथा कोलार रोड स्थित सर्वधर्म पुल से लेकर अनेक ग्रामीण अंचल ग्राम हिनोतिया आलम, ग्राम दौलतपूरा, ग्राम कालापानी, ग्राम गौडीपार तक वाहन एवं मोटर साइकिल रैली निकाली गई. बंद के दौरान ग्राम हिनोतिया आलम एवं ग्राम कालापानी में शत-प्रतिशत बंद देखकर सोनी ने कहाकि वर्तमान में महंगाई और एफडीआई की लपटें शहर से बढ़कर गावों की ओर पहुंच चुकी है.

आज सुबह से ही माकपा के कार्यकर्ता शहर के विभिन्न बाजारों में दुकानों को बंद करते हुए दिखे. पिपलानी, बरखेड़ा, न्यू मार्केट, जहांगीराबाद, जिन्सी, बुधवारा, इतवारा, आजाद मार्केट, लक्ष्मीगंज गल्ला मंडी, घोड़ा नक्कास, हमीदिया रोड, रेलवे स्टेशन, चांदबड़, सेमरा, अशोका गार्डन क्षेत्रों में माकपा कार्यकर्ताओं ने वाहन रैली निकाली और बाजार बंद करवाया.
खुदरा बाजार पर हुए हमले और चौतरफा महंगाई के सर पर डीजल व रसोई गैस की कीमतों में वृद्घि के चलते आम जनता, विशेषकर व्यापारी वर्ग ने इस बंद को खुलकर समर्थन दिया.
बंद के दौरान शहर के सभी प्रमुख बाजार पूरी जबरिया कराया  बंद:  प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने कहा है कि भाजपा द्वारा आज जो भोपाल बंद कराया वह सरकार के दम पर जिला प्रशासन और पुलिस के भरपूर सहयोग से कराया है.

भोपाल के पेंशनभोगी सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने डीजल, रसोई गैस के दामों में हुई बेतहाशा वृद्घि और महंगाई भत्ते की स्वीकृति में हो रहे अनावश्यक विलम्ब के विरोध में सड़कों पर उतरने का फैसला किया है. पेंशनर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी गोङ्क्षवद ङ्क्षसह असिवाल ने बताया कि 25 सितंबर को एमपी नगर स्थित डाक भवन के सामने दोपहर साढ़े बारह बजे केंद्र और राज्य सरकार के सभी पेंशनर्स एकत्रित होकर विरोध करेंगे.
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रघु ठाकुर के आह्वïान पर आज माता मंदिर, कोटरा, नेहरू नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापारियों से दुकानें बंद करवाईं. इसके बाद माता मंदिर के सामने यूपीए सरकार का पुतला फूंका. इस अवसर पर अजय श्रीवास्तव, प्रताप ङ्क्षसह मलिक, रामशंकर पुरोहित, ए.के. भनगे आदि मौजूद थे.

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