इधर, फिर सामने आया बोफोर्स का भूत…तो उधर इटली से रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार का एक और मामला

राजीव गांधी को क्लीनचिट, लेकिन क्वात्रोकी को बचाने का आरोप

नई दिल्ली, 25 अप्रैल. बोफोर्स घोटाले की फाइल बंद होने के दो साल बाद इसमें अब एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। स्वीडन के इस पूर्व पुलिस चीफ स्टेन लिंडस्ट्रॉम के मुताबिक, बोफोर्स घोटाले में राजीव गांधी के खिलाफ घूस लेने का कोई सबूत नहीं है, लेकिन उनकी सरकार ने मुख्य आरोपी क्वात्रोकी को बचाने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि बॉलिवुड ऐक्टर अमिताभ बच्चन को इस घोटाले में फंसाने के लिए दबाव बनाया गया था।

जर्नलिस्ट चित्रा सुब्रमण्यम को स्टेन लिंडस्ट्रॉम ने फोन पर दिए इंटरव्यू में यह खुलासा किया है। गौरतलब है कि स्टेन ने 25 साल पहले भी चित्रा सुब्रमण्यम को इंटरव्यू देकर इस घोटाले से पर्दा उठाया था। स्टेन ने तब चित्रा को 350 पेज के दस्तावेज सौंपे थे, उससे राजीव गांधी की सरकार चली गई थी। क्वात्रोकी को राजीव सरकार ने बचाया-स्टेन के मुताबिक क्वात्रोकी के खिलाफ पुख्ता सबूत थे, लेकिन भारत सरकार के अधिकारी ने उससे मुलाकात नहीं की। स्टेन का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने करीबी क्वात्रोकी को बचाने में अहम भूमिका निभाई। दो साल पहले बोफोर्स केस बंद किया जा चुका है और क्वात्रोकी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। स्टेन का दावा है कि उन्होंने बोफोर्स के एमडी मार्टिन अर्दबो की जो डायरी चित्रा को दी थी, उसमें अर्दबो ने लिखा था, एन नाम के शख्स के बारे में पता चल जाए तो ज्यादा दिक्कत नहीं, लेकिन क्यू के बारे में पता नहीं चलना चाहिए क्योंकि वो  आर का करीबी है। बाद में खुलासा हुआ कि एन का मतलब अरुण नेहरू, क्यू का मतलब क्वात्रोकी और आर का मतलब राजीव गांधी था।

अमिताभ बच्चन का नाम जोड़ा गया-स्टेन के मुताबिक, बोफोर्स घोटाले में अमिताभ बच्चन का नाम जोडऩे के लिए उन पर दबाव बनाया गया था। बकौल स्टेन, 1990 में मुझ पर कुछ लोगों ने दबाव डाला कि बोफोर्स केस में अमिताभ बच्चन का नाम भी जोड़ा जाए। उनका इंटरव्यू लेने वाली चित्रा सुब्रमण्यम ने भी यही बात कही है। चित्रा के मुताबिक, जब वीपी सिंह की सरकार थी तब मेरे ऊपर बोफोर्स घोटाले में अमिताभ बच्चन का नाम उछालने का दबाव बनाया जा रहा था।

क्या है  मामला :
1986 में भारत सरकार ने स्वीडन की एक कंपनी एबी बोफोर्स से 155 एमएम की 410 होवित्जर बोफोर्स तोपें खरीदी थीं। सौदा 1437 करोड़ का था। 16 अप्रैल 1987 को स्वीडिश रेडियो ने खुलासा किया कि फर्म ने सौदे के लिए रिश्वत दी थी। सौदे में क्वात्रोकी पर दलाली का आरोप लगा।

गलती जो मैंने नहीं की कौन देगा 25 साल का हिसाब

नई दिल्ली.बोफोर्स मामले में  अमिताभ ने जहां भावुक अंदाज में करारा जवाब दिया है, वहीं जया ने कहा है कि 25 सालों का हिसाब कौन देगा अमिताभ ने ब्लॉग में लिखा है कि  वह गलती जो मैंने कभी की ही नहीं, हमेशा एक धब्बे की तरह बनी रही और शायद हमेशा बनी रहे।

आरोपों के इन पलों, घंटों, दिनों और सालों को शायद ही कोई समझ पाए या उस पीड़ा और दर्द को महसूस कर पाए जिससे मैं गुजरा हूं। लेकिन क्या इस सब में किसी  और की कोई रुचि है  शायद नहीं। बिग बी ने लिखा कि जिन्होंने ये किया उनकी अंतरात्मा पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। वो तो अपनी वाकपटुता और चालों से अपनी चमड़ी को साफ रखे हुए हैं। और अगर उनपर फर्क पड़ता भी है तो क्या अब इसका कोई औचित्य है लाजिमी है, नहीं। उनका मिशन ही अन्यायपूर्ण था जो पूरा हो गया है। अपना स्वार्थ साधने लिए उन्होंने भाड़े के एजेंटों का सहारा लिया और वो क्षणिक तौर पर जीत भी गए लेकिन अंत में हार उनकी ही हुई है। उन्होंने अपनी स्थिति और शक्ति को खो दिया और सबसे महत्पूर्ण अपने जमीर और चेतना को खो दिया। जमीर की हार ही हमारे जीवन में सबसे बड़ी हार होती है। हम सब कभी न कभी इस हार का शिकार हो सकते हैं  लेकिन महानता उनमें होती है जो समय रहते अपने जमीर को बचा लेते हैं। उधर, जया बच्चन ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि यह ऐसा सच है जो हम 25 सालों से जानते आए हैं, लेकिन इन 25 सालों में जो दर्द हमें झेलना पड़ा है, उसका हिसाब कौन देगा।

ताजा आरोपों से देश की छवि दागदार

बोफोर्स मामले में क्वात्रोकी को कथित रूप से बचाने के लिए जांच की रफ्तार धीमा करने के ताजे आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते भाकपा सांसद गुरूदास दासगुप्ता ने कहा, ‘ यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय घटना है। यह घटना देश की छवि को दागदार करने के समान है। इतने वर्षों से शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. और इससे स्पष्ट हो जाता है कि पूरी जांच प्रक्रिया गलत थी। दासगुप्ता ने कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की बल्कि जांच की रफ्तार को धीमा करने का काम किया। यह सरकार के कामकाज और गंभीरता का माखौल उड़ाने के समान है। गौरतलब है कि इस संबंध में स्वीडन के पूर्व पुलिस प्रमुख स्टीन लिंडस्टार्म के ताजा साक्षात्कार में बोफोर्स मामले से जुड़े आरोप लगाए हैं। राष्ट्रपति पद पर पार्टी के रूख के बारे में पूछे जाने पर भाकपा नेता ने कहा, ‘ देश इस समय विषम और संकटपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। ऐसे समय में राष्ट्रपति न तो कांग्रेस से और न ही भाजपा से बनाया जाए। बल्कि राष्ट्रीय आम सहमति के आधार पर राष्ट्रपति चुना जाना चाहिए जो इस परिस्थिति का सामना करने में सक्षम हो।

रक्षा घोटालों का इटली कनेक्शन: बीजेपी

नई दिल्ली.एक और रक्षा डील में इटली की कंपनी का नाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि रक्षा घोटालों का इटली कनेक्शन है।   प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि बीजेपी संसद में यह मुद्दा उठाएगी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस सरकार का इटेलियन कनेक्शन कहीं न कहीं बार-बार दिखता रहता है।

आज एक बार फिर हेलीकॉप्टर डील से वो सामने आया है। अगस्ता वेस्टलैंड एक कंपनी हैं जिसने 12 वीवीआईपी मूवमेंट हेलीकॉप्टर की 3546 करोड़ में डील की है। समाचार है कि इस कंपनी ने 350 करोड़ रुपए एक बिचौलिए को दिए। मीडिया ने यह रिपोर्ट किया है कि इस बिचौलिए की जांच इटली की एजेंसियां कर रही हैं।  लेकिन भारत के कानून के मुताबिक कोई भी दलाल या सलाहकार किसी भी डील में नहीं हो सकता। और अगर किसी सौदे में कोई दलाल है तो फिर सौदा रद्द होना चाहिए।   रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि सवाल यह है कि भारत सरकार क्या कर रही है क्या इसमें भी किसी को छुपाने की कोशिश की जा रही है। अगर इस मामले में इटली की पुलिस जांच कर  रही है तो फिर भारत सरकार क्या कर रही है इस मामले का भी इटली कनेक्शन है।   गौरतलब है कि फरवरी 2010 में भारत सरकार ने इटली की एक कंपनी से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था। 3546 करोड़ रुपए के इस सौदे में 350 करोड़ रुपए की दलाली की इटली पुलिस जांच कर रही है।   वहीं भाजपा सांसद बलवीर पुंज ने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और भारत सरकार को इस विषय पर प्रतक्रिया देनी चाहिए। भाजपा इस मुद्दे को मजबूती से उठाने पर विचार कर रही है ताकि यह डील रद्द हो सके।

Related Posts: