इस्लामाबाद, 27 अप्रैल . अमेरिकी कार्रवाई में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद उस जगह से मिले दस्तावेज इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि ओसामा ने पाकिस्तान में अंधाधुंध हमले करने की योजना बनाई थी।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के एबटाबाद शहर स्थित एक परिसर में रह रहा लादेन पिछले साल दो मई को हुई अमेरिकी कार्रवाई में मारा गया था। डॉन अखबार ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों देशों के संबंध फिर से बहाल करने के लिए हुई अधिकारियों की बैठक में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने इसकी जानकारी दी थी। अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीआईए से मिली जानकारी के अनुसार मारे जाने से पहले लादेन ने अयमान अल-जवाहिरी और संगठन के अन्य शीर्ष आतंकियों के साथ मिल कर पाकिस्तान की धरती पर कई हमले करने की योजना बनाई थी। हालांकि रिपोर्ट में इस जानकारी के बारे में परस्पर विरोधी खबरें मिलने की भी बात कही गई है।  दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक में शामिल एक व्यक्ति ने नाम जाहिर किए बगैर बताया कि सीआईए के उपनिदेशक माइकल मोर्ले ने पाकिस्तानी अधिकारियों को ये दस्तावेज सौंपे। दूसरी तरफ एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि अमेरिका ने इसके बारे में सिर्फ छोटी सी जानकारी दी और इस गुत्थी को सुलझाने लायक विस्तृत जानकारी नहीं दी।

रिपोर्ट में कहा गया कि इससे ये स्पष्ट नहीं होता कि सीआईए ने पाकिस्तान में अलकायदा के नेटवर्क का पता लगाने या फिर दोनों देशों के बीच जरूरी आपसी विश्वास को फिर से बहाल करने के इरादे से ये जानकारी साझा की। गौरतलब है कि पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने कल एक विशेष संदेश जारी कर दो मई को ओसामा की पहली बरसी के मौके पर पाकिस्तान में अपने राजनयिकों और अन्य नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है।

बिन-लादेन की विधवाएँ पाकिस्तान से निष्कासित

पाक सरकार ने शुक्रवार को “अल-कायदा”  के पूर्व नेता ओसामा बिन-लादेन की तीन विधवाओं और दो बेटियों को निष्कासित कर दिया। निष्कासित महिलाओं को लेकर एक विमान ने सऊदी अरब के लिए उड़ान भरी।  मई 2011 में अमरीकी विशेष बलों द्वारा दुनिया के “आतंकवादी नंबर एक” का ख़ात्मा किए जाने के तुरंत बाद इन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें पाकिस्तान में  अवैध प्रवेश करने के लिए निर्वासन की सज़ा सुनाई गई थी और 45 दिन तक जेल में भी रखा गया था।

पाकिस्तानी सरकार ने कुल मिलाकर बिन-लादेन परिवार के 14 सदस्यों को देश-निकाला दिया है जिनमें ओसामा बिन-लादेन की पत्नियां, बच्चे और पोते-पोतियां शामिल हैं। इन सभी लोगों ने सऊदी अरब जाने का फैसला किया है क्योंकि यह देश ओसामा बिन-लादेन का जन्म-स्थान है।

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