भाजपा ने संसद को बनाया बंधक: सोनिया

नयी दिल्ली, 28 अगस्त. संसद न चलने देने के लिए भारतीय जनता पार्टी को आडे हाथों लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि ब्लैकमेल कर संसद को बंधक बनाना उसकी आदत हो गयी है.

श्रीमती गांधी ने पार्टी संसदीय दल की बैठक को सम्बोधित करते हुए पार्टीजनों से कहा कि वे रक्षात्मक होने की बजाय कांग्रेस के खिलाफ विपक्ष के असंयमित विरोध का डटकर सामना करें. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह किसी भी मुद्दे, नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक की किसी भी रिपोर्ट और उनकी जो कमियां बतायी जा रही हैं. उन पर चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार हैं. लेकिन संसद के सही ढंग से चलने पर ही ऐसा हो सकता है. ऐसी संसद में नहीं जिसे ब्लैकमेल कर बंधक बना दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा का राजनीतिक रोजगार बन गया है और इससे उसके कुछ सहयोगी दल भी चिंतित है.

श्रीमती गांधी ने कहा कि यह खेद और शर्म की बात है कि जब देश और जनता गंभीर मुद्दों से जूझ रहे हैं संसद को उसकी संवैधानिक भूमिका और कर्तव्य निभाने नहीं दिया जा रहा है. यह सिर्फ भाजपा का कराधरा है. इससे पता चलता है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों का कितना आदर करता है. उन्होंने कहा कि भाजपा का यह रवैया कि . जो हम कहे वहीं सही है. देश के निर्माताओं और उनके द्वारा निर्मित संवैधानिक व्यवस्था का मजाक उडाना है. कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का नाम लिये बिना उन पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठतम नेता ने हमारी सरकार को नाजायज कह कर हमें जनादेश देने के लिए देश के लोगों का मजाक उडाया है. प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि भाजपा कोयला ब्लाक आंवटन मुद्दे पर उन्हें पूरी तरह राजनीतिक कारणों से निशाना बना रही है. प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में कल स्पष्ट और विस्तृत वक्तव्य देकर भाजपा और उसके दुष्प्रचार का पर्दाफाश कर दिया है. यह निंदनीय है कि जब हमें पार्टी लाइन से ऊपर उठकर जनता के समक्ष आ रहे सूखा. महंगाई तथा आर्थिक मंदी जैसे गंभीर मुद्दों से निपटने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.

उस समय देश का मुख्य विपक्षी दल बहुत ही गैर जिम्मेदाराना ढंग से काम कर रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टीजनों से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार होने की अपील करते हुए कहा हमारी कई उपलब्धियां है. हमें किसी बात पर रक्षात्मक होने की जररत नहीं है. पार्टी सभी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है. कार्यकर्ताओं और नेताओं से विपक्ष के असंयमित विरोध से विचलित नहीं होने का आह्वान करते हुए कहा कि वे आक्रामक रवैये के साथ उसका मुकाबला करें.

श्रीमती गांधी ने कई आर्थिक नीतियों पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के भीतर तथा अन्य दलों के साथ व्यापक राजनीतिक समझ और सहमति बनाने की जररत बतायी. उन्होंने कहा कि इसके लिए हम गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं. लोकतंत्र मे बातचीत तथा बहस ही आगे बढने का एकमात्र जरिया है. लेकिन विपक्ष और विशेष रप से मुख्य विपक्षी दल को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.

मनमोहन ही रहेंगे प्रधानमंत्री : कांग्रेस

कोयला ब्लाक आवंटन को लेकर मचे बवाल के बीच कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बदलने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है. कांग्रेस महासचिव और मीडिया विभाग के प्रमुख जनार्दन द्विवेदी ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी कई बार कह चुकी है कि डा. सिंह 2014 तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे. उन्होंने कहा कि 2009 के घोषणा पत्र में पार्टी ने डा. सिंह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था और वह 2014 तक इस पद पर बने रहेंगे. उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी के नेता मोहन सिंह ने आज कहा कि कांग्रेस के ही कुछ लोग डा. सिंह को प्रधानमंत्री पद से हटाना चाहते हैं. श्री द्विवेदी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि यह मिथ्या कल्पना के अलावा और कुछ नहीं है.

जवाबदेही तय करे कांग्रेस

कोयला ब्लाक के आवंटन में कथित घोटाले के मुद्दे पर संसद को नहीं चलने दे रही  भाजपा ने आज कहा कि उसे अपनी जिम्मेदारी का पूरा एहसास है और इसके लिये कांग्रेस से नसीहत की जरूरत नहीं है अलबत्ता वह इस घोटाले के लिये अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करे. कोयला ब्लाक घोटाले के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे और उनकी सरकार द्वारा दिये गये सारे कोयला ब्लाक का आवंटन रद्द करने की मांग कर रही भाजपा के महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संसद के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भाजपा को पूरा एहसास है अलबत्ता कांग्रेस इस घोटाले पर अपनी जवाबदेही तय करे.

जिम्मेदार विपक्ष के नाते हम नहीं चाहते कि संसद में महज एक दिन चर्चा करके पूरे मामले को रफा दफा हो जाने दें.   वर्ष 2010 के दिसंबर में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के कारण संसद के एक पूरे सत्र में कोई कामकाज नहीं हो पाया था. लेकिन इसी विरोध के चलते संचार मंत्री ए राजा को इस्तीफा देना पडा. आपराधिक मामले के लिये चार्जशीट दाखिल हुई. जेपीसी गठित हुई. 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई और अब 2जी की नीलामी होगीं. जिससे सरकारी खजाने को जो नुकसान हुआ था उसकी भरपाई हो जायेगी. उन्होंने कहा कि नीलामी के जरिये कोयला ब्लाक के आवंटन नहीं होने से सरकारी खजाने को एक लाख 8. हजार करोड रपये की चपत लगने के लिये प्रधानमंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार है. इसलिये उनको पहले इस्तीफा देना चाहिये .

सड़क पर लड़ी जाएगी कोयले की लड़ाई

कोयले की लड़ाई अब संसद से सड़क पर जाती दिख रही है। कोल ब्लॉक आवंटन पर संसद में गतिरोध खत्म न होता देख कांग्रेस ने जनता के बीच जाकर सच्चाई बताने का ऐलान किया। वहीं बीजेपी ने भी ताल ठोकते हुए कहा कि वह रैलियां कर कोयला घोटाले पर कांग्रेस को बेनकाब करेगी।

संसद मे कांग्रेस-भाजपा टकराव तेज

कोयला ब्लाकों के आवंटन में राजकोष को लाखों करोड रपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच टकराव आज तेज हो गया और संसद के दोनो सदनों में हंगामे एवं नारेबाजी के कारण लगातार छठवें दिन कार्यवाही ठप्प रही. संसद में हंगामे और नारेबाजी के हालात के बीच कल ओणम के अवसर पर अवकाश घोषित कर दिया गया. हालांकि सामान्य तौर पर इस पर्व पर संसद में अवकाश नहीं होता है. संसद अब गुरुवार को समवेत होगा.कोयला ब्लाक आवंटन से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार 10 अगस्त को रखे जाने के बाद पिछले सप्ताह मंगलवार को शुरू हुआ तूफान कल सदन में प्रधानमंत्री के वक्तव्य के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा. अलबत्ता आज प्रधानमंत्री इस्तीफा दो…, प्रधानमंत्री गद्दी छोड़ो… तथा कोयले की दलाली है, पूरी कांग्रेस काली है… के नारों के साथ कोयला ब्लाकों का आवंटन रद्द करने का एक नया नारा भी सदन में गूंजा.

सड़क पर उतरेंगे कांग्रेस कार्य्रकर्ता

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विपक्ष विशेषकर भाजपा  का डट कर मुकाबला करने के स्पष्ट निर्देश के बाद पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरने की तैयारी में हंै. संसदीय दल की बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर भाजपा के दोहरे मापदंड को जनता के सामने उजागर करेंगे. उन्होंने भाजपा पर कैग को लेकर घडियाली आंसू बहाने का आरोप लगाया और कहा कि जब इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार के बारे में होती है तो भाजपा कार्रवाई और इस्तीफे की बात करती है लेकिन जब गुजरात या छत्तीसगढ की सरकारों के कामकाज के बारे में कैग की रिपोर्ट की बात आती है तो वह उसे अनदेखा कर देती है. भाजपा कांग्रेस और प्रधानमंत्री पर कैग जैसी संवैधानिक संस्था को चोट पहुंचाने की बात कर रही है लेकिन वह खुद संसद को ठप करके क्या कर रही है. क्या संसद संवैधानिक संस्था नहीं है. संसद को ठप कर क्या वह लोकतंत्र को आघात नहीं पहुंचा रही है.

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