कांग्रेस को बुरी तरह से पटकनी देने के बाद दिल्ली के लोगों ने सौंपी सत्ता की चाबी

नई दिल्ली, 18 अप्रैल.  दिल्ली नगर निगम चुनावों में कांग्रेस को बुरी तरह से पटकनी देने के बाद अब बीजेपी इन नतीजों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में देख रही है. उसे लगता है कि जिस तरह से स्थानीय निकायों के बावजूद दिल्ली के लोगों ने राष्ट्रीय मुद्दों भ्रष्टाचार और महंगाई को केंद्र में रखकर बीजेपी को सत्ता की चाबी सौंपी है, उससे साफ है कि अगले दो साल में उसे न सिर्फ अन्य राज्यों में, बल्कि दिल्ली में भी सत्ता की चाबी मिल सकती है.

बीजेपी नेताओं का मानना है कि पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में गोवा और पंजाब में जरूर पार्टी को कामयाबी मिली थी, लेकिन यूपी और उत्तराखंड की हार ने मजा किरकिरा कर दिया था. इससे कार्यकर्ता भी बुरी तरह से निरुत्साहित थे. लेकिन दिल्ली नगर निगम की जीत का कार्यकर्ताओं पर बढिय़ा असर पड़ेगा. बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा किनिगम के चुनावी नतीजे सिर्फ स्थानीय निकायों के परिणाम ही नहीं बता रहे हैं, बल्कि यह देश का मूड भी बता रहे हैं. यह सही है कि निगम में बीजेपी ने जो अच्छा काम किया, उसका पुरस्कार दिया गया है,

लेकिन जिस तरह से बहुमत के साथ बीजेपी को दोबारा नगर निगम की चाबी उसे सौंपी गई है, उससे साफ है कि महंगाई और भ्रष्टाचार यूपीए सरकार के लिए मुसीबत बनने जा रहे हैं. इस साल के अंत में हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा के चुनाव होने हैं जबकि अगले साल दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं. पार्टी का मानना है कि अगर सही रणनीति बनाकर मैदान में उतरा जाए और महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया जाए तो हिमाचल और गुजरात में वह अपनी सत्ता कायम रख सकती है. इसके अलावा दिल्ली विधानसभा की सत्ता से वनवास भोग रही बीजेपी की 15 साल बाद वापसी हो सकती है.

कांग्रेस का विकल्प
बीजेपी अध्यक्ष को तो यहां तक लगता है कि जहां भी पार्टी जनता के समक्ष विकल्प बनकर उभरी है, वहीं जनता ने कांग्रेस की बजाय उसे ही चुना है. ऐसे में पार्टी अब इसी नीति पर आगे चलेगी.

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