रायसेन, 14 अक्टूबर. खाद के लिए कई दिनों से परेशान हो रहे किसानों का गुस्सा आखिरकार आज शुक्रवार को फूट पड़ा. गुस्साए किसानों ने भोपाल रोड स्थित खाद गोदाम के सामने नारे बाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया. जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने मौके पर पहुंचा. किसानों की समस्याओं को सुनकर प्रशासनिक मौजूदगी में खाद का वितरण करवाया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे भोपाल रोड स्थित खाद गोदाम पर डीएपी खाद के लिए सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरष किसान पहुंचने लगे. खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने की वजह से विगत 10-15 दिनों से खाद गोदाम के चक्कर काट रहे किसान बिफर पड़े और नारे बाजी करते हुए भोपाल रोड पर अपने ट्रेक्टर-ट्राली लगाकर चक्काजाम करने लगे. प्रशासनिक अमले को इसकी खबर मिलते ही एसडीएम आरडीएस अग्रिवंशी, तहसीलदार आलोक पारे, थाना प्रभारी कमलेन्द्र कलचूरी, यातायात प्रभारी सुरेन्द्र तिवारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और चक्का जाम समाप्त कराकर स्थिति को नियंत्रण में लिया एवं प्रशासनिक मौजूदगी में खाद का वितरण करवाया.

रबी की फसल की बोवनी के लिए डीएपी खाद किसानों के सामने एक बार फिर बड़ी समस्या बन रही है. जैसे ही सोसायटी या विपणन संघ के गोदाम पर खाद मिलने की जानकारी मिलती है, किसानों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है. बढ़ती हुई भीड़ को देखकर वहां पदस्थ अधिकरी एवं कर्मचारियों के हाथ पैर फूलने लगते हैं, परेशान किसान हर हाल में खाद लेने के लिए दबाव बनाते हैं. गोदाम पर किसानों को बांटने के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी का स्टाक नहीं है और दावेदार किसान अधिक हैं. हर किसान को दो-दो बोरी देने की योजना बनाई गई है, ऐसे में लगभग आधे किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ता है.
ऊंट के मुंह में जीरे के समान मिल रही खाद से किसान चिंतित हैं. दीपावली के पहले बोवनी करने की तैयारी कर चुके किसानों को खेतों के सूखने की चिंता सता रही है.

जल्द ही बोवनी नहीं की गई तो तेज धूप से खेतों की नमीं सूख जाएगी और बोवनी करना मुश्किल हो जाएगा. रायसेन ही नहीं जिले भर के किसान डीएपी के लिए परेशान हैं. विपणन संघ के डीएमओ अनिल सिंह का कहना है कि 25 हजार मैट्रिक टन मांग की तुलना में मात्र दस फीसदी ही खाद मिल सकी है. जिससे किसानों को दो-दो बोरी कर बांटा जा रहा है. कुछ और रेक लगने वाली हैं, उनसे कुछ खाद मिलने की संभावना है. दीपावली का त्यौहार सिर पर है, घर के काम छोड़कर खाद के लिए कई महिला किसान भी गोदाम पर खाद लेने पहुंच रही हैं. वनगवां की किसान सावित्री देवी का कहना है कि दो बोरी खाद देने की कह रहे हैं, इससे क्या होगा, हमें ओर खाद की जरूरत है. इतने में तो आधे खेत की बोवनी भी नहीं हो सकेगी. बलबीर सिंह बघेल ने बताया कि खाद की इतनी परेशानी रही तो मुश्किल होगी. दो बोरी खाद के लिए दिन भर लाईन में लगना पड़ रहा है, इससे जरूरत भी पूरी नहीं हो सकती.

किसान रोकेंगे रेल

छतरपुर. खाद नही मिलने से किसानों की नाराजगी बढती जा रही है और अब उन्होंने आंदोलन करने का मन बना लिया है. रबि फसल की बुबाई का समय होने और किसानों को भरपूर मात्रा में खाद न मिल पाने के विरोध में भारतीय किसान संघ द्वारा प्रांत व्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया है.  बुन्देलखण्ड के किसान दमोह में रेल रोकेगें. कार्यक्रम की जानकारी देते हुए भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक अनुरूद्ध सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में खाद की बेहद परेशानी है इससे रवि की फसल की बुबाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है. प्रदेश में भरपूर बारिश होने के बावजूद भी किसानों को खाद की व्यवस्था शासन नहीं कर पा रहा है. किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद, बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना चाहिए. खाद के मूल्य बढ़ाने से भी इस महंगाई के जमाने में किसानों को समस्या  का सामना करना पड़ रहा है.  खाद की कमी और दरों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ किसान संघ ने प्रदेश व्यापी आंदोलन करने का ऐलान किया. इस आंदोलन को लेकर बनाई गई रणनीति के अनुसार 17 अक्टूबर को महाकौशल और बुन्देलखण्ड के किसान दमोह में पहुँचकर रेल रोकेंगे.

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