फूलों से खिल उठता तन-मन

अधिकांश घरों में थोड़ी जगह फूलों के लिए भी निकाली जाती है. कई घरों में छोटे-छोटे बगीचे बनाए जाते हैं तो कहीं-कहीं गमलों में फूलों के पौधे लगाए जाते हैं। रंग-बिरंगे फूलों की महक से हमारा घर का वातावरण हमेशा सुखद अहसास देने वाला बना रहता है.

पुराने समय से ही घर के बाहर बगीचा रखने की परंपरा है। धर्म ग्रंथों में कई प्रसंग मिलते हैं जहां वाटिकाओं का उल्लेख किया गया है. घर के बाहर बगीचे रखने के पीछे धार्मिक कारण तो है साथ ही इसका हमारी मानसिक स्थिति पर भी शुभ प्रभाव पड़ता है. इसका धार्मिक कारण यही है कि फूल भगवान को चढ़ाएं जाते हैं। जब भी पूजा-अर्चना आदि कार्य होते हैं तो हमेशा हमें ताजे फूल बगीचे से मिल जाते हैं. इस प्रकार के घरों पर दैवी-देवताओं की भी विशेष कृपा होती हैं क्योंकि पुष्प से सभी भगवान तुरंत ही प्रसन्न हो जाते हैं। फूलों की सुंगध से हमारे घर का वातावरण महकता रहता है जिससे मन को शांति मिलती है। दिमाग में हमेशा सकारात्मक विचार आते हैं। नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव घर की ओर से नष्ट हो जाता है. फूल हमें अच्छा जीवन जीने की भी प्रेरणा देते हैं। फूलों का जीवन कम अवधि का होता है परंतु फिर भी वे जब तक मुरझा नहीं जाते तब तक वातावरण में सुगंध फैलाते रहते हैं. इसी प्रकार हमें भी समाज में ऐसा ही स्वभाव रखना चाहिए जिससे हमारे आसपास लोगों को सुख की प्राप्ति हो सके। वास्तु शास्त्र के अनुसार भी घर में बगीचा होना अनिवार्य बताया गया है. घर के बाहर की वाटिका घर के कई वास्तु दोषों को समाप्त कर देती है.

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