अकेले में मिले मनमोहन-जरदारी, रिश्तों को नये आयाम मिलने की उम्मीद

नई दिल्ली, 8 अप्रैल. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से स्पष्ट कहा कि हाफिज सईद और मुंबई आतंकी हमले के अन्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति के आकलन का यही महत्वपूर्ण बिन्दु होगा. प्रधानमंत्री के रेस कोर्स रोड स्थित आवास पर जरदारी के साथ उनकी 40 मिनट अकेले में हुई बैठक के दौरान आतंकवाद के बारे में प्रमुखता से चर्चा हुई.

विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा, दोनों नेताओं ने आतंकवाद की समस्या पर चर्चा की, जो बड़ा मुद्दा है, जिसके आधार पर भारतीय जनता द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का आकलन करेगी. सिंह ने जरदारी से कहा कि मुंबई आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई और पाकिस्तान की जमीन से भारत के खिलाफ हो रही गतिविधियों को रोकना अत्यंत आवश्यक है.

हाफिज पर हुई दो टूक बातचीत

जरदारी और मनमोहन की बातचीत के दौरान मुंबई हमलों के गुनहगार हाफिज सईद का मुद्दा भी उठा. रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम ने दोनों देशों के रिश्ते सुधारने के लिए जरदारी से आंतकवाद पर लगाम लगाने को कहा. हालांकि बैठक के बाद दोनों नेताओं ने इस बारे में कोई संकेत नहीं दिए.

भारत ने की मदद की पेशकश

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान को सियाचिन सेक्टर के उसके एक महत्वपूर्ण सैन्य शिविर के भीषण हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद 135 लोगों के दब जाने की घटना में हरसंभव मानवीय सहायता मुहैया कराने की पेशकश की. जरदारी ने भारत की पेशकश का स्वागत किया और कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह मदद लेंगे.

भारत से बेहतरीन रिश्ते चाहते हैं : जरदारी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सकारात्मक संकेत देते हुए आज कहा कि’ हम भारत के साथ बेहतर संबंध चाहेंगे . दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों का व्यावहारिक समाधान खोजने के इच्छुक हैं . बैठक करने के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस बयान दिये. सिंह ने कहा, ‘ मैंने और राष्ट्रपति जरदारी ने ऐसे द्विपक्षीय मसलों पर रचनात्मक और दोस्ताना बातचीत की है जो भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को प्रभावित करते हैं. जरदारी अपने बेटे बिलावल भुटटो के साथ सीधे सिंह के सरकारी आवास पहुंचे थे. अजमेर शरीफ के दर्शन करने के लिए निजी यात्रा पर भारत पहुंचने वाले जरदारी को सिंह ने दोपहर भोज पर आमंत्रित किया था .  मनमोहन सिंह ने कहा, ‘ मैंने जरदारी की इस यात्रा का फायदा उनके साथ सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत कर उठाया और मैं इस यात्रा के नतीजे से काफी संतुष्ट हूं .

उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच कई मसले हैं . उन्होंने कहा, ‘ हमारे कई मुद्दे हैं और हम उन सभी मुद्दों का व्यावहारिक समाधान खोजने के इच्छुक हैं और यही संदेश मैं और राष्ट्रपति जरदारी देना चाहते हैं. जरदारी ने कहा कि हमारी द्विपक्षीय वार्ता काफी फलदायक रही . उन्होंने उम्मीद जतायी कि सिंह से जल्द ही पाकिस्तान की सर जमीं पर उनकी मुलाकात होगी . जरदारी ने सिंह को पाकिस्तान आने का न्यौता दिया . जरदारी ने कहा,’ हम भारत के साथ बेहतर संबंध चाहेंगे .सिंह ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान आने का जरदारी का न्योता स्वीकार कर लिया है . सात आरसीआर पहुंचने पर सिंह ने जरदारी का गर्मजोशी से स्वागत किया . दोनों नेताओं ने साथ खडे होकर फोटो खिंचवाये .

जरदारी ने कहा, ‘ मैं पाकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर से भारत की अवाम को अस्सलाम अलैकुम ( खुदा सबको सलामत रखे ) कहना चाहूंगा . मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे दोपहर भोज पर आमंत्रित किया हालांकि मैं निजी यात्रा पर यहां आया था लेकिन हमने कुछ द्विपक्षीय मसलों पर फलदायक बातचीत की है. जरदारी की वर्तमान यात्रा सात साल में किसी पाकिस्तानी राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा है. जरदारी का विमान नयी दिल्ली के पालम वायुसैनिक अड्डे पर दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर पहुंचा. उनके साथ उनके बेटे बिलावल भुट्टो पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक और कुछ अन्य अधिकारी भी आये हैं . उनका केन्द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल और विदेश सचिव रंजन मथाई ने स्वागत किया. बिजनेस सूट पहने जरदारी ने वहां इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया लेकिन कोई टिप्पणी नहीं की . वह सीधे प्रधानमंत्री सिंह के सात रेसकोर्स स्थित सरकारी आवास के लिए रवाना हो गये. प्रधानमंत्री से मिलने के बाद जरदारी जयपुर रवाना हुए और अजमेर शरीफ जाकर ख्वाजा के दरवार में चादर चढ़ाई.

राहुल ने मंजूर किया बिलावल का न्योता

कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पुत्र बिलावल भुट्टो जरदारी द्वारा का न्योता स्वीकार कर लिया है. भोज के समय राहुल गांधी के बगल में बैठे बिलावल ने राहुल को पाकिस्तान आने का न्योता दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. उल्लेखनीय है कि 21 सितम्बर 1988 को जन्मे बिलावल पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बच्चों में सबसे बड़े हैं. ताइक्वोंडो में ब्लैक बेल्ट धारक बिलावल ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के क्राइस्ट चर्च में इतिहास का अध्ययन कर रहे हैं. उनकी माता बेनजीर और दादा जुल्फिकार भुट्टो ने भी इसी विश्वविद्यालय से पढ़ाई की.

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