जोधपुर, 2 जनवरी. सीबीआई ने लापता नर्स भंवरी देवी के शव का पता लगाने के लिए जलोदा गांव स्थित स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया है. हो सकता है कि भंवरी को यहां जमीन में गाड़ा गया हो.

सीबीआई भंवरी देवी के शव का पता लगाने के लिए उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है. सीबीआई सूत्रों ने बताया कि बिशन राम बिश्नोई का भाई एवं उसके गिरोह के सदस्य ओम प्रकाश बिश्नोई से पूछताछ के आधार पर सीबीआई का दल गांव में डेरा डाले हुए है तथा वह विशेष उपकरणों की मदद से क्षेत्रों की तलाश कर रहा है. बिशन राम बिश्नोई के बारे में कहा जाता है कि भंवरी देवी के शव को ठिकाने लगाने में उसका हाथ था. सूत्रों के अनुसार बिशन राम जलोदा गांव का रहने वाला है और नेवरा रोड के पास से भंवरी का शव लेने के बाद वह फलौदी की दिशा में गया. अब यह माना जा रहा है कि उसने शव को गांव में ही कहीं गाड़ दिया.

सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची है कि भंवरी को उस क्षेत्र में कही गाड़ा गया होगा जहां बिशन राम सक्रिय था. भंवरी देवी जोधपुर के बिलारा क्षेत्र से गत वर्ष एक सितंबर को लापता हो गई थी. सीबीआई ने रविवार को राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदरेणा की पत्नी लीला मदरेणा और कांग्रेस विधायक मलखान बिश्नोई के पुत्र से नर्स के लापता होने के सिलसिले में पूछताछ की थी. एजेंसी ने मदरेणा की पत्नी से लगभग दो घंटे तक पूछताछ की. इसके साथ ही उसने मलखान के पुत्र महेंद्र बिश्नोई से भी पूछताछ की. लीला और मलखान के तीनों पुत्रों से गत 19 दिसंबर को भी पूछताछ की गई थी. मदेरणा को जहां गत तीन दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था, वहीं कांग्रेस विधायक मलखान को 19 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया.

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