भोपाल, 25 नवंबर, नभासं. भोपाल स्टेशन पर आज सुबह इटारसी जा रही पैसेंजर गाड़ी पर भोपाल से लगाई गई ड्ïयूटी के दौरान गार्ड द्वारा गाड़ी रवाना होने से पूर्व सीएनडब्ल्यू के स्टाफ द्वारा पुस्तिका में हस्ताक्षर को लेकर दोनों के बीच विवाद इतने बढ़ गये कि गार्ड ने सीएनडब्ल्यू के स्टाफ का सिर फोड़ दिया.

शुक्रवार की सुबह झांसी-इटारसी पैसेंजर भोपाल स्टेशन पर पहुंचने के बाद रनिंग विभाग भोपाल में पदस्थ के.जी. सोनी की गार्ड की डï्ïयूटी लगाई गई थी. सोनी स्टेशन पर खड़ी पैसेंजर पर अपनी ड्यूटी के दौरान गाड़ी रवाना होने से पूर्व गार्ड द्वारा गाडी के ब्रेक चेक किये जाने चाहिए था. सीएनडब्ल्यू के स्टाफ द्वारा ब्रेक चेक करने की बात को लेकर आनाकानी की जा रही थी. कर्मचारी द्वारा गार्ड से यह बोला गया कि साहब हस्ताक्षर कर दो, इस पर गार्ड ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. इस बात को लेकर दोनों में कहा-सुनी होती रही तथा मामला इतना बढ़ गया कि गार्ड ने गुस्से में आकर सीएनडब्ल्यू के स्टाफ के सिर में वार कर उसका सिर फोड़ दिया. इसकी सूचना यूनियन के द्वारा संबंधित  विभाग के अधिकारी को दिये जाने के बाद उक्त अधिकारी द्वारा इसे गंभीरता से लेते हुए गार्ड के विरूद्घ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया.  श्री सोनी द्वारा इससे पूर्व भी कई अधिकारियों से मारपीट की वारदातें की जा चुकी है. अनावश्यक रूप से कर्मचारियों से विवाद करने की शिकायत तो आम बात मानी जा रही है.

अधीक्षक ने किया प्रताडि़त
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में कार्मिक विभाग में मुख्य कार्यालय अधीक्षक द्वारा अपने ही विभाग में कार्यालय अधीक्षक को मानसिक रूप से काम को लेकर इतना प्रताडि़त किया गया कि पीडि़त अवस्था में उसे कार्यालय से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार के पश्चात अस्पताल से उसे कुछ घंटे बाद छुट्ïटी दे दी गई.  सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में कार्मिक विभाग में पदस्थ मुख्य कार्यालय अधीक्षक एम.एल. महेन्द्रू द्वारा अपने अधीनस्थ कार्यरत कार्यालय अधीक्षक सतीश गगरानी को कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका का काम आज ही पूरा करने हेतु उस पर दबाव बनाकर डॉट-फटकार लगाई गई तथा दिन भर उसे इतना प्रताडि़त किया गया कि उसका कार्यालय में ही मानसिक रूप से गंभीर तनावग्रस्त हो गया. इतना ही नहीं दिन में करीब साढ़े तीन बजे पुन: उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.

आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया
मानसिक रूप से प्रताडि़त कार्यालय अधीक्षक का देखते ही देखते ब्लड प्रेशर तनाव से इतना बढ़ गया कि स्थिति बिगड़ते देख आनन-फानन में उसे समीप ही हबीबगंज कॉलोनी स्थित स्वास्थ्य केन्द्र उसे पहुंचाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार के पश्चात उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. गौरतलब है कि सतीश गगरानी मुख्य रूप से रनिंग विभाग में ड्रायवर था, उसके पैर में चोर लगने के कारण उसका मेडिकल डी केट्राइज होने के बाद उसे एक वर्ष से कार्मिक शाखा के ट्रैफिक सेक्शन में पदस्थ किया गया है.

तानाशाही के चलते कर्मचारी परेशान
कार्मिक विभाग में विभाग के मुखिया को यह भी नहीं मालुम है कि आखिर हमारे विभाग में क्या हो रहा है. इस विभाग में अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों पर तानाशाही जैसे स्थिति वर्षों से निर्मित की गई है. जिससे अधिकतर कर्मचारी इनके तानाशाही के शिकार होने के साथ परेशान हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी
वरि. मंडल कार्मिक अधिकारी चन्द्रशेखर द्विवेदी ने इस संबंध में कहा कि मुझे किसी प्रकार की सूचना एवं जानकारी नहीं है. यदि हमें इस बात की सूचना मिलने पर कार्यवाही करूगा.

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