कोलंबो, 20 सितंबर. अफगानिस्तान के खिलाफ वल्र्ड टी-20 के पहले मैच में जीत के बावजूद भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने स्वीकार किया कि डैथ ओवरों में गेंदबाजी चिंता का विषय है.

कोहली ने 23 रन से मिली जीत के बाद कहा कि गेंदबाजी इकाई के तौर पर हम इससे बेहतर प्रदर्शन करके बड़े अंतर से जीत सकते थे. शुरूआती ओवरों में हमारी गेंदबाजी अच्छी रही लेकिन डैथ ओवरों में गेंदबाजी चिंता का सबब है. यह पूछने पर कि क्या उन्हें अफगानिस्तान से ऐसी चुनौती मिलने की आशंका थी, उन्होंने कहा कि निचली रैंकिंग वाली टीम से खेलने पर ऐसा ही होता है. उनको हारने का डर नहीं होता. वे मैच हालात और छोटी-छोटी बातों पर चिंतित नहीं होते.

कोहली ने कहा कि ऐसे हालात में खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड जैसे दमदार प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी. सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग के खराब फॉर्म के लिये कोहली ने प्रारूप को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि टी-20 क्रिकेट में खराब दौर होने पर कुछ मैचों तक रहता ही है. इस प्रारूप में अच्छी शुरूआत का मतलब 40-45 रन होता है जबकि वनडे में 80-90 रन को अच्छी शुरूआत माना जाता है. हमारे सलामी बल्लेबाज अनुभवी हैं और जल्दी ही बड़ा स्कोर बनायेंगे.
कोहली बल्लेबाजी क्रम में बदलाव के पक्ष में भी नहीं दिखे. उन्होंने कहा कि यह अच्छा सुझाव नहीं है. टी-20 में आपको जमे हुए बल्लेबाजी क्रम की जरूरत होती है. संयोजन बदलने पर नकारात्मक प्रभाव होते हैं. गेंदबाजी में फिर भी बदलाव किये जा सकते हैं, बल्लेबाजी में नहीं.

प्रेमदासा स्टेडियम की पिच को उन्होंने धीमा बताया. उन्होंने कहा कि यह बल्लेबाजी के लिये आदर्श पिच नहीं थी लेकिन उतनी खराब भी नहीं रही. यह पिच धीमी है और स्पिनरों को इससे काफी मदद मिलेगी. तेज गेंदबाजों को चतुराई के साथ गेंदबाजी करनी होगी.

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