• लंदन ओलम्पिक-2012

लंदन, 31 जुलाई.   दो मिनट 24 सेकेंड में विपक्षी मुक्के बाज को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. देवेंद्रो के मुक्कों के आगे होंडुरास का मुक्के बाज बायर्न मोलिना ठहर नहीं सका. मोलिना पहले ही राउंड में तीन बार जमीन पर गिरे और रेफरी को बीच में ही मैच खत्म करना पड़ा.
देवेंद्रो अब विजेंद्र सिंह, जय भगवान और विकास कृष्णन के साथ प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं. 20 वर्षीय मणिपुरी मुक्के बाज ने शुरुआत ही धमाकेदार की. शानदार फुटवर्क  के साथ भारतीय वीर ने होंडुरास के खिलाड़ी पर पावर पैक मुक्के बरसाए. देवेंद्रो के शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब मैच समाप्त किया गया तो स्कोर 24-2 था. उनका अगला मुकाबला मंगोलिया के सेरडांबा पुरेवदोर्ज से शनिवार को होगा.

साइना लंदन ओलंपिक के प्री-क्वार्टर फाइनल में

भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने लंदन ओलंपिक की महिला एकल स्पर्धा के ग्रुप-ई मैच में यहां बेल्जियम की लियाने टेन के खिलाफ सीधे गेमों में आसान जीत के साथ नॉकआउट चरण में जगह बनाई.

दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय खिलाड़ी साइना पूरे मैच के दौरान नियंत्रण में दिखी और उन्होंने यहां वेम्बले एरेना में बेल्जियम की खिलाड़ी को सिर्फ 24 मिनट में 21-4, 21-14 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की. चौथी वरीय भारतीय को नॉक आउट में संभवत: दुनिया की 20वें नंबर की खिलाड़ी चीन में जन्मीं हालैंड की याओ जेई का सामना करना पड़ सकता है. साइना ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और विरोधी खिलाड़ी का कोई मौका नहीं दिया. भारतीय खिलाड़ी ने काफी अच्छी तरह से विरोधी खिलाड़ी के मूव को परखा और फिर उन्हें अंक जुटाने में कोई परेशान नहीं हुई जिससे इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने पहला गेम सिर्फ नौ मिनट में अपने नाम किया. लियाने को भाग्य के सहारे कुछ अंक मिले जब शटल नेट से टकराकर साइना की तरफ गिर गई लेकिन इसके बावजूद बेल्जियम की खिलाड़ी पहले गेम में चुनौती पेश नहीं कर पाई.

भारतीय नौका चालक पदक की दौड़ से बाहर

भारतीय नौका चालक स्वर्ण सिंह विर्क के एकल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में चौथे स्थान पर रहने के साथ ही इस खेल में भारतीय खिलाड़ी पदक की दौड़ से बाहर हो गये. पुरूष लाइटवेट युगल स्कल्स में भारत के संदीप कुमार और मंजीत सिंह छह टीमों के रेपेचेज राउंड में अंतिम स्थान पर आए और उनका विजय मंच तक पहुंचने का सपना टूट गया. रेपेचेज राउंड में अच्छे प्रदर्शन की मदद से क्वार्टर फाइनल में पहुंचे स्वर्ण ने दो किलोमीटर की रेस सात मिनट 11.59 सेकंड में पहुंची. पंजाब के 23 वर्षीय नौका चालक शुरूआती 500 मीटर में दूसरे स्थान पर चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने लय खो दी और वह चौथे स्थान पर रहे. अब वह 13वें से 24वें स्थान के लिए खेलेंगे.

स्वीडन के लैसी कारोनेन ने छह मिनट 57.06 सेकंड का समय निकालकर रेस जीती जबकि अर्जेंटीना के सैंटियागो फर्नांडीज और चीन के लियांग झांग क्रमश सात मिनट 1.57 सेकंड और सात मिनट 02.03 सेकंड का समय निकालकर दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. उधर, संदीप और मंजीत की जोड़ी ने दो किलोमीटर की दूरी तय करने में छह मिनट 54.20 सेकंड का समय लिया और वे छठे स्थान पर रहे. अब वे 17वें से 20वें स्थान के लिए खेलेंगे.

कश्यप पुरुष नॉकआउट चरण में

पी कश्यप ने वियतनाम के तियेन मिन्ह एंगुयेन को सीधे गेम में हराकर ओलंपिक खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा के पुरुष एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया. 21वीं रैंकिंग वाले कश्यप ने अपने से 11 पायदान ऊपर वाले प्रतिद्वंद्वी को ग्रुप-डी के दूसरे और आखिरी मैच में 21-9, 21-14 से हराया. कश्यप ने ग्रुप-डी में शीर्ष पर रहकर नॉकआउट चरण में प्रवेश किया. उसने बेल्जियम के तान युहान को इससे पहले वाले मैच में हराया था. शुरू ही से आक्रामक खेल रहे कश्यप ने 35 मिनट में जीत दर्ज कर ली. दोनों खिलाडिय़ों ने कई लंबी रेली लगाई लेकिन कश्यप ने लगातार अंक बनाए. मिन्ह ने दूसरे गेम में वापसी की कोशिश की लेकिन कश्यप की लय नहीं टूटी.

पहले ही दौर में बाहर तालुकदार

भारतीय तीरंदाजों के लंदन ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन का दौर इन खेलों के चौथे दिन भी जारी रहा और स्टार तीरंदाज जयंत तालुकदार पुरुष एकल के पहले ही दौर में निशाना चूककर बाहर हो गए. तालुकदार पहले दौर में अमेरिका के जैकब वुकी के हाथों 0-6 से पराजित हो गए और इस तरह ओलंपिक में उनका अभियान थम गया. तालुकदार ने कुल 76 अंक हासिल किए जबकि जैकब 86 अंक लेकर दूसरे दौर में पहुंचने में सफल रहे. जैकब ने कुल छह परफेक्ट टेन जड़े जबकि तालुकदार एक बार ही ऐसा कर सके. टीम स्पर्धा में भारत के पुरुष तीरंदाज पहले ही बाहर हो चुके हैं.

सुशील को पदक जीतने का यकीन

नई दिल्ली, बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार अपेक्षाओं के दबाव से विचलित नहीं हैं बल्कि उन्हें पदक जीतने का पूरा यकीन है. सुशील लंदन ओलंपिक की कुश्ती स्पर्धा में आखिरी दिन मुकाबले के लिए उतरेंगे. उनकी पत्नी सावी सोलंकी ने बताया कि इसका उन पर कोई दबाव नहीं है. सावी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि वह तनाव मुक्त रहेंगे और देश के लिए पदक जीत कर लाएंगे. सुशील का कहना है कि वह अपना शत-प्रतिशत देंगे. उन्होने कहा कि सुशील लंदन से बेलारूस पहुंच गया है जहां उसने अपने अन्य साथियों के साथ लंदन ओलम्पिक के लिए अंतिम चरण की तैयारियां शुरू कर दी है. लंदन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में सुशील भारत का ध्वजवाहक था.

जिसकी वजह से वह टीम के जाने के बाद देर से बेलारूस रवाना हुए. सावी ने हालांकि कहा कि इससे उसनी तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उसने कहा कि मेरी उनसे टेलीफोन पर बात हुई. उनकी (सुशील की) बातों से आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ा हुआ नजर आ रहा था. उसने यह भी कहा कि ओलंपिक में भारत का ध्वजवाहक बनकर वह काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. सुशील के गुरु महाबली सतपाल ने कहा कि बेलारूस में भारतीय पहलवानों को अभ्यास करने का काफी फायदा मिलेगा क्योंकि बेलारूस और लंदन का मौसम करीब करीब एक जैसा है.

लंदन ओलम्पिक की कुश्ती प्रतियोगिता पांच अगस्त से शुरू होनी है जबकि सुशील के वजन वर्ग का मुकाबला प्रतियोगिता के अन्तिम दिन 12 अगस्त को होना है. बीजिंग ओलम्पिक खेलों में 56 सालों के बाद ओलम्पिक पदक जीतने के बाद से ही भारतीय कुश्ती संघ और सरकार ने लंदन खेलों के लिए भारतीय पहलवानों की तैयारियों में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी है. इस बार महिला पहलवान गीता सहित भारत के पांच पहलवानों ने लंदन ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया है. भारत के बड़े कुश्ती दल ने हाल ही में अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स एक माह का अभ्यास और प्रतियोगिता का शिविर लगाया गया था. अब करीब 25 सदस्य दल बेलारूस गया है. ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पांचों पहलवान तीन अगस्त को सीधे बेलारूस से लंदन के लिए रवाना हो जाएगे जबकि शेष पहलवान स्वदेश लौटेंगे. लंदन ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाले भारतीय पहलवानों में अमित कुमार (55 किलो) योगेश्वर दत्त (60 किलो), सुशील कुमार (66 किलो), नरसिंह यादव (74 किलो) और गीता फोगट (55 किलो) शामिल हैं. लंदन ओलम्पिक खेलों में भारत के पहलवानों के मुकाबले 9 से 12 अगस्त चलेंगे.

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