अन्ना की चेतावनी, बेंगलुरु में विशाल रैली

बेंगलूरू, 17 दिसंबर. समाज सेवी अन्ना हजारे ने जनलोकपाल बिल पर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो बिल लाओ या सत्ता छोड़कर चले जाओ। अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार से देश की जनता त्रस्त है लेकिन सरकार को जनता का दर्द दिखाई नहीं देता। ये सरकार अंधी और बहरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को मजबूत जनलोकपाल बिल लाना ही होगा। अन्ना ने कहा कि मुझे मौत का डर नहीं है। मैं मंदिर के एक छोटे से कमरे में रहता हूं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद से मुझे प्रेरणा मिलती है।

30 से जेल भरो आंदोलन
इससे पहले मौजूदा शीतकालीन सत्र में प्रभावी लोकपाल विधेयक पारित करने के सरकार के इरादे पर संदेह जाहिर करते हुए अन्ना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर 27 दिसंबर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दोहराई। सरकार पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए अन्ना ने कहा कि वह 30 दिसंबर से ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू करेंगे। इसके पहले अन्ना ने पहली जनवरी से ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू करने की बात कही थी।

सरकार नहीं चाहती सीबीआई को छोडऩा
अन्ना ने चार पृष्ठ के पत्र में लिखा कि अगर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को लोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाता, तो यह एक दंतविहीन संस्था होगी। ऐसा लगता है कि सरकार सीबीआई को छोडऩा नहीं चाहती। अन्ना ने लिखा है कि पिछले कुछ महीनों में आपने मुझे कई बार आश्वस्त करते हुए पत्र लिखा था कि शीतकालीन सत्र में एक प्रभावी लोकपाल विधेयक पारित किया जाएगा… लेकिन क्या ऐसा हो पाएगा मुझे संदेह है। हमें बहुत उम्मीद थी कि ये समिति एक अच्छा लोकपाल बिल बनाएगी, लेकिन सरकार की मंशा साफ नहीं थी. संयुक्त समिति में सरकार ने हमारे सभी प्रमुख सुझाव नामंजूर कर दिए. संयुक्त समिति से दो बिल निकले-एक हमारा और एक सरकार का. निर्णय हुआ कि दोनों बिल कैबिनेट में पेश किए जाएंगे, लेकिन यहां भी सरकार ने धोखा दिया. कैबिनेट के सामने सरकार ने केवल अपना बिल रखा.

सिटिजन चार्टर बिल को लेकर नाराजगी

अलग सिटिजन चार्टर बिल को लेकर नाराजगी जताते हुए अन्ना ने लिखा है कि उन्हें इस बात पर बेहद आश्चर्य हुआ था. उन्होंने कहा है, मुझे सबसे बड़ा आश्चर्य तब हुआ जब 13 दिसंबर को आपकी अध्यक्षता में कैबिनेट ने एक अलग सिटिजन चार्टर कानून पारित किया. संसद के प्रस्ताव में तो यह लोकपाल बिल में होना चाहिए था. आपने खुद पत्र लिखकर मुझसे ऐसा कहा था. फिर आप खुद अपनी बात से क्यों मुकर गए और अब कहा जा रहा है कि इस सिटिजन चार्टर बिल को फिर से स्थाई समिति को भेज जाएगा. फिर से चार महीने लगेंगे. क्या आपको नहीं लगता कि देश की जनता के साथ धोखे पर धोखा हो रहा ? सरकार का यह रवैया बिल्कुल ठीक नहीं है. प्रधानमंत्री को उनके वादे की याद दिलाते हुए अन्ना ने लिखा है, पिछले कुछ महीनों में आपने मुझे खुद पत्र लिखकर कई बार आश्वासन दिया कि एक सशक्त लोकपाल बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पास कराया जाएगा. आपके भरोसे के मुताबिक हमने सभी आंदोलन संबंधी गतिविधियां शीतकालीन सत्र तक के लिए स्थगित कर दीं. अखबारों में छपी खबरों कें मुताबिक शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर को खत्म हो रहा है. क्या यह बिल तब तक पास हो जाएगा? इसमें संदेह नजर आता है.

विधेयक इसी सत्र में

भ्रष्टाचार रोकने को सशक्त लोकपाल विधेयक की सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की चेतावनी और विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट पेश होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि विधेयक संसद के इसी सत्र में पारित कराने के लिए उनकी सरकार कड़ी मेहनत कर रही है। विधेयक रविवार को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। रूस की राजधानी मास्को से स्वदेश वापसी के क्रम में मनमोहन सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि विधेयक को इसी सत्र में पारित कराने के लिए हम हरसंभव प्रयास करेंगे। विधेयक को सही रूप में लाने के लिए हम दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि कल (रविवार) विधेयक को कैबिनेट की बैठक में लाने में हम सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि इसलिए, हमें इसे संसद में लाने के लिए तैयार रहना होगा। एक बार जब यह संसद में आ जाएगा तब इस पर फैसला लेना संसद के हाथ में होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अगले साल विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद एफडीआई के फैसले के कार्यान्वनय पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से विचार विमर्श करेगी। उन्होंने कहा कि हमें व्यापक सहमति बनानी होगी और हम उसके लिए कार्य करेंगे। मुझे आशा है कि विभिन्न राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद सभी पार्टियां एक साथ बैठ सकती हैं। उसके बाद हम फिलहाल टाले गए इस फैसले के कार्यान्वयन की सम्भावना तलाश सकेंगे।

6 कैबिनेट मंत्रियों के विकेट लिए
यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी। चाहे मैं रहूं या ना रहूं, लेकिन ये लड़ाई चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के अंदर मैंने भ्रष्टाचार में लिप्त 6 कैबिनेट मंत्रियों के विकेट लिए। 400 भ्रष्टाचारी अफसरों को उनके घर जेल भिजवाया। उन्होंने कहा कि घर में छिपे दुश्मनों से मेरी लड़ाई चलती रहेगी। देश के युवाओं से मुझे इस लड़ाई के लिए ऊर्जा मिलती है। युवाओं को देखकर मैं भी युवा बन जाता हूं।

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