भोपाल, 19 अप्रैल. अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन के नेतृत्व में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय द्वारा गलत नियमानुसार परीक्षा परिणाम घोषित के विरोध में बीयू कैम्पस में सत्य भवन के सामने प्रदर्शन किया गया.

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय एमएससी, एमए, एम कॉम, बीएससी, बीए, बीकॉम के फस्र्ट सेमेस्टर के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम हाल ही में घोषित किया गया. ये परीक्षा परिणाम बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व निर्धारित नियमे के आधार पर घोषित नही किये गये. बल्कि नये नियम के आधार पर बनाये गये है. बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा बनाये गये नियमों के विपरीत मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई और परीक्षा परिणाम घोषित किये. जिसमें उच्च शिक्षा विभाग के नियमानुसार 70 प्रतिशत थ्योरी व 30 प्रतिशत सीसीई के निर्धारित है. जबकि विश्वविद्यालय ने 85 प्रतिशत थ्योरी व 15 प्रतिशत सीसीई के आधार पर मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई.

जो विश्वविद्यालय परीक्षा लेने से पहले नहीं दी गई थी. जिसके कारण मप्र के हजारों विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम प्रभावित हुए है व विद्यार्थियों को एटी.केटी. व सेम बैक हुए. इसके पूर्व पिछले सप्ताह अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन एआईआरएसओ के नेतृत्व में सैकडा़ विद्यार्थियों ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की कुलपति निशा दुबे से मिलकर अपनी समस्या बताई व मांगो के लेकर ज्ञापन सौंपा था. कुलपति निशा दुबे द्वारा कहा गया कि विद्यार्थियों की उक्त समस्या के संदर्भ में उचित कार्यवाई कर दो दिन के भीतर सूचित किया जायेगा. एक सप्ताह बीतने के बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाई नहीं की गई.

इसके अलावा अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन के जिला सहसचिव कॉ सुनील ने बताया कि एमएससी, एमए, एमकॉम, बीएससी, बीए, बीकॉम के फस्र्ट के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है. जिसमें पूर्व निर्धारित नियमों की अवहेलना की गई है. बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के पूर्व नियमानुसार एमएससी मे लिखित परीक्षा का प्रत्येक पेपर 35 अंको का होता था और सीसीई के 15 अंको के होते थे जो कि एक पेपर के पूर्णांक का 30 प्रतिशत था. जिसमें परीक्षा उपरांत बीयू द्वारा बदलाव करके प्रत्येक विषय के 15 प्रतिशत के बराबर हैं. कुछ इसी प्रकार की मूल्यांकन प्रक्रिया एमए, एमकॅाम, बीएससी, बीए, बीकॉम के फस्र्ट सेम में भी अपनाई गई है.

बीयू जिसकी सूचना विद्यार्थियों को लिखित परीक्षा के पूर्व में नहीं दी गई थी इसका साक्ष्य विद्यार्थियों ने दिये गये लिखित परीक्षा में छपे पूर्णांक 35 से दिया जा रहा है. लेकिन अंकसूची में सभी विषयों का मूल्यांकन 85 व सीसीई के 15 अंक द्वारा किया गया है. इसमें स्पष्टरुप से समझ बन रही है कि यदि लिखित परीक्षा में 35 अंको के पूर्णांक से विद्यार्थी को अंक दिये गये हैं और उसे 85 अंको के पूर्णांको से मूल्यांकित किया गया है. तो जाहिर सी बात है कि 35 अंको के पूर्णांको के दिये गये प्राप्तांको को प्रश्न पत्र में प्रत्येक प्रश्न के अंको को दुगुना भी कर दिया जाये. तो प्रत्येक प्रश्न पत्र का पूर्णांक साफ तौर पर समझ आ रहा है कि 70 ही होगा और 85 होने में 15 अंक बाकी रहेंगे.

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