• हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस में हादसा

गिरीडीह (झारखंड), 22 नवंबर. झारखंड के निमियाघाट स्टेशन के पास देर रात करीब 2.30 बजे  ट्रेन संख्या 13009 हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस में आग लग गई। दो वातानुकूलित डिब्बों में आग लगने से दो बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई और चार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक घायल हो गए।

झारखंड के गिरिडीह जिले में तड़के हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस के दो एसी डिब्बों में आग लगने से दो बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई । रेलवे सुरक्षा बल के डिवीजनल कमांडेंट शशि कुमार ने बताया, ‘एक वातानुकूलित डिब्बे में आग लगने और फिर इसके दूसरे वातानुकूलित डिब्बे तक फैलने से दो बच्चों सहित सात लोगों की झुलस कर मौत हो गई । उन्होंने बताया कि बी-1 वातानुकूलित डिब्बे में तड़के लगभग तीन बजे आग लगी और बाद में यह बी-2 वातानुकूलित डिब्बे तक फैल गई।  कुमार ने कहा कि गोमो और निमियाघाट रेलवे स्टेशनों के बीच डिब्बे में आग की लपटें देखी गईं। नई दिल्ली में रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने पांच साल की एक बच्ची सहित सात लोगों के मरने की पुष्टि की। धनबाद के मंडल रेल प्रबंधक और रेलवे की चिकित्सा टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। फंसे यात्रियों के लिए खाने पीने के इंतजाम किए गए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मृतकों में से एक की पहचान अर्चिता कुमारी के रूप में हुई है जो पश्चिम बंगाल के आसनसोल की रहने वाली थी। यह ट्रेन सोमवार रात हावड़ा स्टेशन से चली थी। आग की चपेट में आए दोनों डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया गया है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने दिल्ली में बताया कि आग के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे ने यात्रियों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की है।

हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं- 033-26413660, 033-26402243 और 032-62220518। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 7.50 बजे मार्ग पर रेल यातायात बहाल कर दिया गया।

ग्वालियर की बहू ने तोड़ा दम

ग्वालियर, नभासं. हावड़ा से देहरादून से चली रेल झारखंड के पारसनाथ में बर्निंग ट्रेन बन गयी और इसमें ग्वालियर के चिकित्सक दंपति बुरी तरह झुलस गये जिसमें ग्वालियर की बहू डॉ अनुमिता गौर ने दम तोड़ दिया जबकि चिकित्सक डॉ. नीरज गौर अस्पताल में भर्ती हैं.जानकारी के अनुसार हेमसिंह की परेड में ऋषिनगर निवासी गोपाल शरण गौर के पुत्र डॉ. नीरज गौर और पत्नी डॉ. अनुमिता गौर हावड़ा में मेडीकल कालेज में पदस्थ थे और बीते रोज हावड़ा से देहरादून के लिये रवाना हुये. लेकिन पारसनाथ स्टेशन के समीप ट्रेन के एसी 3 टायर बोगी में आग लगी और डॉ. अनुमिता बुरी तरह झुलस गयीं तथा मौके पर दम तोड़ दिया जबकि डॉ. नीरज गौर ने अपनी जान ट्रेन से कूदकर बचायी और उन्हें धनबाद के रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉ. नीरज ग्वालियर में पदस्थ तहसीलदार केके सिंह गौर के भतीजे हैं तथा बीती रात हुई इस दुर्घटना की जानकारी आज सुबह जब डॉ. नीरज के परिजनों को लगी तो तहसीलदार श्री गौर तथा परिजन झारखंड के लिये रवाना हो गये.

तहसीलदार केके सिंह गौर ने बताया कि डॉ. नीरज ग्वालियर मेडीकल कॉलेज में प्रोफेसर थे और मार्च में नीरज ने हावड़ा मेडीकल कालेज में ज्वाइन किया इसके बाद डॉ. नीरज और उनकी पत्नी डॉ. अनुमिता (जो कि दंत चिकित्सक थीं) हावड़ा में शिफ्ट हो गये और कुछ दिन पहले ही डॉ. नीरज की पोस्टिंग देहरादून हो गयी और अनुमिता का भी चयन देहरादून के लिये हो गया था. इसके बाद चिकित्सक दंपति देहरादून में ज्वाइन करने के लिये जा रहे थे लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था. सफर पूरा होने से पहले ही डॉ अनुमिता हादसे का शिकार हो गयीं और इस घटना की जानकारी जब ग्वालियर में लगी तो परिजनों के साथ-साथ चिकित्सक क्षेत्र के लोग और माधवगंज में शोक की लहर दौड़ गयी.

  •  अनुमिता के पिता सीआईएसएफ के कमांडेंट:

डॉ. अनुमिता के पिता सीपी साही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कमांडेंट हैं और ग्वालियर में महाराजपुरा विमानतल की सुरक्षा के भी प्रभारी का दायित्व रहा. जबकि डॉ. नीरज को काफी मिलनसार और सहज स्वभाव का माना जाता है. डॉ. अनुमिता के ट्रेन दुर्घटना में मौत की खबर मिलने के बाद मेडीकल कालेज के चिकित्सक सदमे में हैं.

  •  सहेली की शादी में दो दिन पहले आई थीं अनुमिता:

डॉ. अनुमिता दो दिन पहले सहेली की शादी में शामिल होने के लिये हावड़ा से नई दिल्ली आयीं थीं और वापस जाने के बाद डॉ. नीरज के साथ ट्रेन से देहरादून के लिये रवाना हुईं. तहसीलदार श्री गौर के अनुसार डॉ. अनुमिता दो दिन पहले विमान से दिल्ली आयीं थीं और अपनी सहेली की शादी में शामिल होने के बाद विमान से वापस हावड़ा गयीं. इसके अगले दिन सोमवार को डॉ. अनुमिता नीरज के साथ देहरादून के लिये रवाना हुईं और रास्ते में ट्रेन हादसा हो गया.

मुआवजे की घोषणा

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने मृतकों के प्रति शोक प्रकट किया और मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की और  बी-1 और बी-2 वातानुकूलित बोगियों के सभी यात्रियों को 25-25 हजार रुपए दिए जाएंगे।

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