जालंधर, 7 फरवरी. पंजाबी मूल के यूके में सांसद वरिंदर शर्मा ने यह खुलासा कर सनसनी फैला दी है कि विदेशों से महिलाएं भारत में भ्रूण हत्या के लिए आती हैं और यहां से वापस चली जाती हैं.

सांसद वरिंदर शर्मा सोमवार को जालंधर के एनआरआई भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि विदेशों में भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है. भारत में भी यह कानून है, लेकिन सख्ती से लागू न होने के कारण विदेशों से महिलाएं भ्रूण हत्या करवाने के लिए खासतौर पर भारत में आती हैं. वरिंदर शर्मा ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन की संस्था जीना ने जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़, दिल्ली में अपनी सर्च और सर्वे किया है. इसमें यह साफ हुआ है कि विदेशों से महिलाएं भारत में भ्रूण हत्या के लिए आती हैं. इस बात के संस्था को पर्याप्त सबूत मिले हैं.

आपस में तालमेल बनाकर रखें
सांसद वरिंदर शर्मा ने कहा कि वे किसी खास अस्पताल या क्लीनिक का नाम नहीं लेना चाहते हैं, लेकिन जीना नाम की संस्था शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट फाइल कर देगी, जिसमें पता चल जाएगा. वरिंदर शर्मा ने इस पर आगे कुछ अधिक यह कहकर बताने से इनकार कर दिया कि रिपोर्ट अभी फाइल नहीं हुई है. वरिंदर शर्मा ने कहा कि एनआरआई द्वारा शादी के बाद दुल्हनों को छोडऩे के मामलों को काफी गहराई से लिया जा रहा है. इस पर शिकंजा कसने के लिए यह जरूरी है कि तमाम देशों के दूतावास आपस में तालमेल बनाकर रखें और इस पर संयुक्त कार्रवाई की जाए. वरिंदर शर्मा ने कहा कि एनआरआई के 835 केस चल रहे हैं, जिसमें से 650 सेटल कर लिए गए हैं. 15 केस सरकार के साथ चल रहे हैं.

सिस्टम में सुधार की काफी जरूरत

इन केसों में जालंधर में करोड़ों की प्रापर्टी का केस भी एनआरआई गुरदियाल सिंह खंगूड़ा के हक में हो गया है. उनकी बेशुमार कीमती कोठी में आबकारी विभाग अपना कार्यालय चला रहा था, जिसका कब्जा एनआरआई खंगूड़ा को दिला दिया गया है. सांसद शर्मा ने कहा कि खंगूड़ा को सरकार के साथ 18 साल लड़ाई लडऩी पड़ी है. ऐसे केसों की प्रक्रिया लंबी है, केस लंबे नहीं चलने चाहिए. एनआरआई को सुविधा के स्थान पर उलटा पंजाब में परेशान किया जाता है, सिस्टम में सुधार की काफी जरूरत है. इस दौरान एनआरआई सभा के प्रधान कमलजीत हेयर के अलावा गुरदियाल सिंह खंगूड़ा भी मौजूद थे.

Related Posts: