मनमोहन के मुद्दे  को भाजपा ने छोड़ा

भोपाल, 2 सितंबर. भारतीय जनता पार्टी  के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि पार्टी कोल ब्लाक आवंटन मामले में सदन में चर्चा के लिए तैयार है. लेकिन इसके पहले संबंधित ब्लाक आवंटन रद्द किए जाएं.

श्री प्रसाद ने कहा कि भाजपा चर्चा से पीछे नहीं हट रही है. इससे पहले भी पार्टी ने टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला, राष्ट्रमंडल खेल घोटाला और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की है. इसी तरह वह सदन में कोल ब्लॉक आवंटन पर भी चर्चा के लिए तैयार है ् लेकिन पहले कोल ब्लाक आवंटन रद्द किए जाएं. लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच कल इस घोटाले से जुडे मुद्दों पर हुयी चर्चा के संबंध में उन्होंने कहा कि श्रीमती स्वराज ने श्रीमती गांधी के समक्ष भाजपा का रूख पूरी तरह साफ कर दिया है. इसके मुताबिक सभी कोल ब्लाक आवंटन रद्द किए जाएं और इस संपूर्ण मामले की  सीबीआई निष्पक्ष जांच करे.

श्री प्रसाद ने केंद्र की कांग्रेसनीत सरकार के कुशासन की आलोचना करते हुए कहा कि इससे लोग परेशान हो गए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह तू-तू मैं-मैं नहीं है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष और लोगों को प्रधानमंत्री से सवाल पूछने का अधिकार है.यह एक संवैधानिक व्यवस्था है. इसी तरह लोग सरकार चुनते हैं और जब वह उसके कामकाज से संतुष्ट नहीं होते हैं तो उन्हें सभी प्रकार के सवाल पूछने का अधिकार भी है..

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार छिपाने का प्रयास किया है.यदि यह पार्टी ऐसा नहीं कर पाती है तो वह भ्रष्टाचार के विरूद्ध आवाज उठाने वाले को दबाती है और यदि इसमें भी सफल नहीं हो पाती है तो वह उन पर चारों तरफ से आक्रमण बोल देती है. श्री प्रसाद ने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री पर इस बात का दबाव बनाने का सिलसिला जारी रखेगी कि वह कोल ब्लाक आवंटन रद्द करें और इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचें.उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस घोटाले में अपनी जिम्मेदारी नहीं लेती है तो वह अपना रूख स्पष्ट करे. श्री प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस घोटाले के मामले में बेवजह भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को घसीट रही है. भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने कोल ब्लाकों की बोलियां लगाने का विरोध कभी नहीं किया.

अलबत्ता उनका कहना यह अवश्य था कि बोलियों के जरिए मिलने वाले राजस्व का हिस्सा संबंधित राज्य को दिया जाए. लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं करके निजी कंपनियों को कोल.ब्लाक आवंटित कर दिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब कोल.ब्लाक आवंटन संबंधी कागजों पर दस्तखत किए. तब वह कोयला मंत्रालय भी देख रहे थे. उन्होंने कहा कि पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों ए राजा और सुरेश कलमाडी के मामले में जब उन्हें पद से हटना पडा तो कोल ब्लाक आवंटन मामले में इसी तरह के पैमाने क्यों नहीं अपनाए जा रहे हैं. श्री प्रसाद ने दिल्ली हवाई अड्डे के निजीकरण के मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कैग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पर भी .90 बेशकीमती भूमि काफी कम कीमत पर संबंधित कंपनी को दे दी गयी थी. उन्होंने कहा कि गुजरात में दंगों के मामले में हाल में वहां की एक अदालत के फैसले के परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है.

कोई भी आवंटन रद्द नहीं होगा : जायसवाल

कानपुर. केन्द्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने आज कहा कि फिलहाल कोई भी कोयला ब्लॉक आवंटन रद्द नहीं किया जा रहा है और 15 सितंबर को मंत्री समूह की रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जायेगी। जायसवाल से आज उनके घर पर संवाददाताओं ने सवाल किया कि ऐसी खबरें हैं कि पूर्व में किये गये कोयला ब्लॉक आवंटन रद्द किये जा रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई कोयला ब्लॉक आवंटन रद्द नहीं किया जा रहा है।

जायसवाल के आवास को भाजपा ने घेरा, पुलिस ने की लाठीचार्ज
कोयला आबंटन मामले को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता केन्द्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के घर का घेराव करने पहुंचे, लेकिन वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी झड़प हो गयी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। एक घंटे तक चले इस हंगामें में दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन कार्यकर्ताओं घायल हो गये। इससे पहले जायसवाल आज सुबह दादानगर इलाके में एक कार्यक्रम में भाग लेने गये थे। वहां भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया था और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लगाये थे।

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