नयी दिल्ली, 7 जून. कोलकाता नाइटराइडर्स को आईपीएल-पांच का चैंपियन बनाने के बाद उसके कप्तान गौतम गंभीर की भारत की कप्तानी करने की आकांक्षा और तेज हो गयी है और उनका कहना है कि वह अपनी कप्तानी में टीम इंडिया का भाग्य बदल सकते हैं.

गंभीर ने एक टीवी चैनल के साथ साक्षात्कार में कहा कि मैं टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी करने के लिए तैयार हूं. एक युवा खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए खेलना एक बड़ा सम्मान होता है और जब आप भारत के लिए खेल लें तो टीम का नेतृत्व करना भी एक बड़ा सम्मान होता है. बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज गंभीर ने कहा कि हमने गत वर्ष विश्वकप जीतने के बाद इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में दो बड़ी सीरीज गंवायी थी और हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां पर टीम को सामने लाना चाहिए और व्यक्ति विशेष को पीछे रखना चाहिए. टीम की जीत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है.

मैंने महसूस किया है कि टीम कप्तान से ज्यादा महत्वपूर्ण है. गंभीर की कप्तानी में नाइटराइडर्स ने आईपीएल के फाइनल में भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स को पराजित किया था. उसके बाद से गंभीर लगातार खुद को टेस्ट कप्तानी का दावेदार बताने लगे हैं. हालांकि धोनी का कहना है कि कप्तानी में तो वही सबसे आगे हैं. टीम इंडिया के इन दो सीनियर खिलाडिय़ों के बीच कप्तानी के लेकर जुबानी जंग तेज होती जा रही है लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अब तक इनमें से किसी को भी चुप रहने की नसीहत नहीं दी है. गंभीर ने तो धोनी को यह तक सलाह दे डाली है कि उन्हें व्यक्तिगत खिलाडिय़ों की क्षमताओं पर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. गत वर्ष विश्वकप जीतने के बाद से धोनी के सितारे लगातार गर्दिश में चल रहे हैं. इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में पूरी तरह सफाया हो जाने के बाद उनकी कप्तानी में टीम एशिया कप के फाइनल में भी नहीं पहुंच पायी.

आईपीएल में भी वह अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाए. धोनी की कप्तानी पर पहले भी सवाल उठने लगे थे और अब तो गंभीर उन्हें जैसे खुली चुनौती देने लगे हैं. गंभीर ने साथ ही कहा कि टीम का वनडे और ट्ïवंटी-20 में प्रदर्शन तब तक नहीं सुधर सकता है जब तक वह टेस्ट मैचों में खराब खेलती है. मैं टेस्ट टीम की कप्तानी करना चाहता हूं क्योंकि मेरा मानना है कि यदि आपकी टेस्ट टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो वनडे और ट्ïवंटी-20 टीमें भी स्वत: ही अच्छा प्रदर्शन करेंगी.

हमने जबसे टेस्ट मैचों में खराब प्रदर्शन करना शुरू किया हमारे वनडे और ट्वंटी-20 प्रदर्शन में भी गिरावट आने लगी. कप्तानी में लगातार पराजयों के साथ-साथ धोनी के व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी गिरावट आयी है. बल्लेबाजी में शानदार फार्म में चल रहे गंभीर ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि कप्तान को चुनने के समय निजी प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. कोई भी कप्तान या उपकप्तान के रूप में पैदा नहीं होता. यदि आप परिवर्तन लाना चाहते हैं तो व्यक्तिपूजा बंद करनी होगी. गंभीर ने कहा कि आपको सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनने होंगे और इनमें से ही कप्तान का चयन करना होगा.
सफल टीम ही सफल कप्तान बनाती है. सफल कप्तान कभी सफल टीम नहीं बनाता. उन्होंने केकेआर का उदाहरण देते हुए कहा कि इस टीम में भी व्यक्ति विशेष की पूजा करने की संस्कृति थी लेकिन पिछले दो वर्षों में उन्होंने इसे बदल डाला. उन्होंने कहा कि पहले तीन वर्षों में केकेआर के साथ ग्लैमर और व्यक्ति पूजा जुडी हुई थी. जब मैंने कप्तानी संभाली तो मेरा एक ही उद्देश्य था कि लोग इस टीम को उसके मैदान के प्रदर्शन पर तौले. पिछले वर्षों में इस टीम में यही सबसे बड़ा परिवर्तन आया है और यह उसके आईपीएल चैंपियन बनने का कारण है.

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