• टाट्रा ट्रक घोटाले में मामला दर्ज

नई दिल्ली, 30 मार्च.  सीबीआई ने टाट्रा ट्रक करार में हुई कथित अनियमितता के सिलसिले में दिल्ली और बेंगलूर के चार स्थानों पर छापेमारी की.

वहीं, सीबीआई ने सरकारी स्वामित्व वाले बीईएमएल के जरिये सेना को हर परिस्थिति में काम करने वाले टाट्रा ट्रकों की आपूर्ति के संबंध में शुक्रवार को एक मामला दर्ज करने के साथ ही वेक्ट्रा समूह के अध्यक्ष रवि ऋषि को पूछताछ के लिए बुलाया जो कि टाट्रा में बहुलांश हिस्सेदार हैं. आर्मी चीफ वीके सिंह को रिश्?वत की पेशकश मामले के खुलासे के बाद सेना के लिए टाट्रा ट्रक खरीद मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को केस दर्ज कर लिया. इसके बाद सीबीआई टाट्रा खरीद मामले में छापेमारी की. ये छापेमारी दिल्?ली और बेंगलुरु के दो-दो जगहों पर की गई. थलसेना को टाट्रा-बीईएमएल ट्रकों की आपूर्ति से जुड़े करार में हुई कथित अनियमितता के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की प्राथमिकी दर्ज की गई है.

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि ब्रिटिश नागरिक रवि ऋषि रक्षा प्रदर्शनी के सिलसिले में राजधानी दिल्ली आए हुए हैं. उन्हें इस सौदे में कथित अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ करने के लिए बुलाया गया है. सूत्रों ने बताया कि सीबीआई निदेशक एपी सिंह ने उस रिपोर्ट की जांच की है जो कि एजेंसी के एक संयुक्त निदेशक ने भेजी है, जिसमें माना गया है कि इस संबंध में एक मामला बन सकता है और इस मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता है. यह सौदा उस समय जांच के घेरे में आ गया था जब सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें ट्रकों से संबंधित फाइल पारित करने के लिए 14 करोड़ रुपये रिश्वत की पेशकश की गई थी. रक्षा मंत्रालय ने सीबीआई को जांच के लिए कहा है. हालांकि सीबीआई जनरल सिंह के आरोपों की जांच शुरू करने के लिए उनकी ओर से एक शिकायत का इंतजार कर रही है. जारी सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की ओर से जांच के लिए कहे जाने के आधार पर एजेंसी दो और अलग अलग मामले दर्ज करेगी. इसमें से एक सौदे से संबंधित होगा जबकि दूसरा कथित रिश्वत पेशकश से संबंधित है.

सरकारी स्वामित्व वाले बीईएमएल प्रमुख वीआरएस नटराजन ने टाट्रा ट्रकों के लिए आर्डर प्राप्त करने के लिए एजेंट और लॉबिस्ट के शामिल होने को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि गत 26 वर्ष के दौरान वर्ष 1996 के बाद से बीईएमएल ने सात हजार टाट्रा ट्रकों को जोड़ा, निर्माण और आपूर्ति की. ये सभी एकल नामांकन धार और एकल जांच आधार पर किया गया. उन्होंने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी सुविधाओं वाले ऐसे उपकरण विश्व में कोई और नहीं बनाता. जब मैं एकल आपूर्तिकर्ता हूं और कोई प्रतिस्पर्धा नहीं, किसी भी प्रभाव की आवश्यकता नहीं.

टाट्रा और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का नाम सेना की ओर से उस प्रेस विज्ञप्ति में लिया गया है जो उसकी ओर से गत पांच मार्च को जारी की गई थी. इस प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने टाट्रा और वेक्ट्रा लिमिटेड की ओर से रिश्वत की पेशकश की थी. उधर, रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सचिव (रक्षा उत्पादन) से कहा है कि वह 2009 में बीईएमएल कंपनी के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच करें. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सतर्कता शाखा और बीईएमएल मामले का परीक्षण कर रहे हैं.

सेना-सरकार में कोई टकराव नहीं: सेना प्रमुख

नई दिल्ली. सरकार और सेना के बीच बढ़ते तनाव के बीच आर्मी चीफ जनरल वी.के. सिंह का नया बयान सरकार को राहत देने वाला है.

सेना प्रमुख ने कहा कि सरकार और सेना के बीच किसी तरह का विवाद नहीं है. घूस की पेशकश से जुड़े मेरे बयान को सेना और सरकार के बीच संघर्ष के रूप में नहीं देखना चाहिए. कुछ लोग हैं जो इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरी और सरकार दोनों की कोशिश यह है कि सेना में जो गलत तत्व शामिल हैं उन्हें बाहर निकालना. जनरल सिंह ने कहा कि मैं सेना प्रमुख देश की सेवा करने के लिए बना हूं. सेना सरकार का हिस्सा है. कुछ शरारती तत्व हैं, जिन्होंने रक्षा मंत्री और सेनाध्यक्ष के बीच फूट दिखाने में सक्रिय भूमिका निभाई है. यह असत्य है और इसे रोकने की जरूरत है.

एंटनी को थी घोटाले की जानकारी !

टाट्रा ट्रक पर एक अखबार के नए खुलासे ने खलबली मचा दी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्री एके एंटनी को टाट्रा ट्रकों की खरीद में गड़बड़ी की जानकारी वर्ष 2009 से ही थी. सरकार में शामिल मंत्रियों की तरफ से भी इस सिलसिले में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई. इसके बावजूद रक्षा मंत्री ने ध्यान नहीं दिया. रक्षा मंत्री एंटनी ने राज्यसभा में कहा था कि सेना प्रमुख ने उन्हें घटिया क्वालिटी के 600 टाट्रा ट्रक की फाइल आगे बढ़ाने के लिए 14 करोड़ रुपए की रिश्वत पेशकश की बात मौखिक रुप से बताई थी. लिखित शिकायत करते तो कार्रवाई जरूर होती.

भाजपा ने इस्तीफा मांगा

भाजपा ने कहा है कि रक्षा मंत्री एंटनी इस्तीफा दे. प्रकाश जावडेकर ने आरोप लगाया कि कथित घोटाले के बारे में  रक्षा मंत्री इन तथ्यों को छिपाये रहे.

कांग्रेस ने किया खारिज

कांग्रेस ने एंटनी के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुये कहा कि इससे पता चलता है कि मुख्य विपक्षी पार्टी अस्थिरता और सनसनी फैलाने के लिये किस हद तक जा सकती है. जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखा था. जवाब में रक्षा मंत्रालय ने जांच की बात कही थी. लेकिन यह भी कहा गया था जांच में समय लग सकता है.

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