• प्रणव से मिले शिवराज

नई दिल्ली, 4 अप्रैल, नससे. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की है. मुलाकात में उन्होंने केन्द्रीय योजनाओं में राज्य विशेष की समस्याओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए योजनायें बनायी जाने और योजनाओं की राशि राज्यों को अपनी स्थिति अनुसार व्यय करने की छूट देने सहित प्रदेश की कई मांगो को रखा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय योजनाओं के लिए शुरूआत के समय जो केन्द्रांश तय किया जाता है उसे न बदला जाए. केन्द्रीय योजनाओं में केन्द्रांश धीरे-धीरे कम हो जाने से अतिरिक्त भार राज्यों की योजनाओं पर पड़ता है. श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राजकोषीय घाटा राज्यों के सकल घरेलू उत्पाद के विरूद्ध तीन प्रतिशत रखने का प्रावधान किया गया है. मप्र जैसे पिछड़े राज्यों का घरेलू उत्पादन विकसित राज्यों की तुलना में पूर्व से ही कम होता है. इसलिए सभी राज्यों के लिए एक ही सीमा निर्धारित करना पिछड़े राज्यों को प्रभावित करता है. उन्होंने मध्यप्रदेश जैसे राज्यों के लिए इस सीमा को चार प्रतिशत करने पर बल दिया. श्री चौहान ने साथ ही इस बिन्दु पर बल दिया कि मध्यप्रदेश जैसे पिछड़े राज्यों के लिए वी जी एफ केन्द्र सरकार के वी जी एफ योगदान को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया जाना चाहिए.

उन्होंने आर आई डी एफ योजनांतर्गत राज्यों को दिये जाने वाले ऋण पर नाबार्ड द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर 10 से 8 प्रतिशत को घटाकर पूर्ववत 6 प्रतिशत करने पर बल दिया. उन्होंने अनब्रांडिड आभूषणों पर एक्साइज ड्यूटी हटाने की मांग भी की. श्री चौहान ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री मुखर्जी को पाला राहत के लिए राशि दिये जाने पर आभार व्यक्त किया.

उज्जैन में नोलेज सिटी विकास पर पित्रोदा से चर्चा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष  सैम पित्रोदा से भेंटकर मध्यप्रदेश में कोर्ट ऑफ टूमारो अवधारणा पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि यह अवधारणा न्यायालयों के कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से ऑन लाइन व्यवस्था करना है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवधारणा को साकार रूप प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश पहल करना चाहता है.

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के उज्जैन में नोलेज सिटी विकसित करने पर पहल की जा रही है. इसे कैसे आदर्श रूप दिया जा सके इस संबंध में भी राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष श्री पित्रोदा से चर्चा की गयी है. उन्होंने मध्यप्रदेश को इन दोनों कार्यों में सहयोग करने के लिए सहमति व्यक्त की है. श्री पित्रोदा ने बताया कि न्यायालयों के कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी उपयोग के अनुभवों का कोर्ट ऑफ टूमारो अवधारणा को साकार रूप देने के लिए मध्यप्रदेश में उपयोग करेंगे. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के अधिकांशतय सभी क्षेत्रों में टेलीफोन नेटवर्क की उपलब्धता है इसका उपयोग करेंगे. उन्होंने बताया कि नेशनल नोलेज नेटवर्क से मध्यप्रदेश के सभी कालेजों को जोड़ेंगे. इसके साथ ही प्रदेश की सभी पंचायतों को भी आप्टीकल फाइबर केबल से (नेटवर्क) से जोडऩे का प्रयास करेंगे. इस अवसर मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.

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