खिरकिया,12 अप्रैल नससे.  लगभग एक माह से समर्थन मूल्य के परिवहन में ओव्हर लोडिंग चल रही है. मामला जब मीडिया द्वारा उजागर किया गया तो कुंभकरणीय नींद में सोया परिवहन विभाग जागा और खिरकिया कृषि उपज मंडी पहुंचकर ओव्हर लोडिंग वाहनों पर कार्रवायी की, महज तीन ट्रको की जांच करने पर ही 19 हजार रूपऐं का चालान बनाया गया.

इससे यह भी उजागर हो गया कि सरकारी परिवहन के नाम पर बिंद्रा ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा विगत एक माह में शासन को राजस्व के रूप में लाखों रूपयें का चूना ओव्हर लोडिंग कर लगाया गया र्है. इस ओव्हर लोडिंग में एक ओर जहां ट्रांसर्पोटिंग कंपनी की मनमानी उजागर हुई है वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता भी उजागर हुई है. तौल कांटों के माध्यम से परिवहन के दौरान दी जा रही है तौल पर्चियों में भी जब क्षमता से अधिक परिवहन का उल्लेख किया गया था तो परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा अब तक अवैध परिवहन पर नकेल क्यों नही कसी गई़? चार माह पहले से ही शासन के निर्देश के बाद समर्थन मूल्य की खरीदी में किसी प्रकार की अनियमितता न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा पूरी तैयारियां की गई. फिर समर्थन मूल्य खरीदी में आ रही अनियमितताओं के बाद अब क्षमता से अधिक परिवहन क्यों.

जुर्माना कर जब्त किए कागजात- जिला परिवहन अधिकारी पी के हरदौनिया ने गुरूवार को स्थानीय कृषि उपज मंडी खिरकिया में क्षमता से अधिक परिवहन करने वाले तीन वाहनों पर कार्यवाही की है. दो वाहन चालक कार्यवाही के दौरान वाहन छोड़कर भाग गऐं. जानकारी के अनुसार ङ्क्षबद्रा ट्रांसपोर्ट कंपनी की गाड़ी क्र. पी बी 31 एफ 4938 में लगभग 5 टन ओव्हर लोडिंग पाया गया इस पर अधिकारी द्वारा 8 हजार रूपए जुर्माना कर कागजात जब्त किए। इसी तरह वाहन क्रमांक एम पी 11 सी 8362 एवं एम पी 09 के 4086 पर  55-55 सौ के चालान बनाऐं गए. वहीं वाहन क्रमांक बीआरसी पी बी 3110-5619 एवं बीआरसी पीबी 31-9617 भी क्षमता से अधिक भरी हुई थी. इससे पहले की परिवहन विभाग उनसे पूछताछ की जाती चालक गाड़ी छोड़कर भाग गऐं. जिला परिवहन अधिकारी द्वारा ओव्हर लोड गाडिय़ों को खली करवाया गया.

मचा हड़कंप- गुरूवार को समर्थन मूल्य में बेजा ओव्हर लोडिंग की खबर प्रकाश के बाद एक ओर जहां विभाग जागा वहीं ओव्हर लोडिंग कर रहे ट्रांसपोर्ट कंपनी भी सतर्क हो गयी. खबर प्रकाश के पूर्व प्रतिदिन कांटों पर वाहनों की कतार लगी रहती थी. लगभग 130-140 गाडिय़ों का तौल होता था. किन्तु गुरूवार को डेढ़ दो बजे तक परिवहन हेतु वाहन नही आयें. जांच के दौरान परिवहन अधिकारी पी के हरदौनिया के पास फोन आते रहे. कृषक एवं मौके पर उपस्थित लोगों में ट्रांसपोर्टिंग कंपनी की दबंगाई, मनमानी और मिलिभगत की चर्चाऐं होती रही. कार्यवाही के दौरान ओव्हर लोडिंग के ट्रक इधर उधर खड़े रहे. गुरूवार को हुई कार्यवाही के आधार पर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अब तक करीब सात लाख से अधिक राजस्व चोरी प्रतिदिन हो रही थी. इस लिहाज से शासन को सरकारी परिवहन में करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है.

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