नई दिल्ली, 8 नवंबर. 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कोर्ट ने सीबीआई से राजा और चिदंबरम के बीच हुई बातचीत के दस्तावेज की कॉपी मांगी है. 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पू्र्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और चिदंबरम के बीच हुई बातचीत के दस्तावेज की कॉपी मांगी है. अब चिदंबरम को सहआरोपी बनाने संबंधी याचिका पर सुनवाई 3 दिसंबर को होगी. कोर्ट ने सीबीआई को कहा है कि चिदंबरम और राजा के बीच हुई बातचीत का पूरा रिकॉर्ड पेश करे. याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट को बताया था कि चिदंबरम की सहमति से ही स्पेक्ट्रम घोटाले का अंजाम दिया गया है.

याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी का दावा है कि उनके पास कई ऐसे सबूत हैं जो कि सीधे तौर पर चिदंबरम की भूमिका को साबित करते हैं. स्पेक्ट्रम आवंटन के दौरान चिदंबरम वित्त मंत्री थे. स्वामी के मुताबिक चिदंबरम और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा की 2जी स्पेक्ट्रम के दाम और प्रवेश शुल्क तय करने में भूमिका थी. दोनों मंत्रियों ने मिल कर स्पेक्ट्रम का मूल्य और प्रवेश शुल्क 2001 के स्तर पर जानबूझकर रखा था. स्वामी ने अपनी याचिका के लिए 24 फरवरी, 2011 को संसद में दिए गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान को भी आधार बनाया है.

सरकार का कहना है कि पहले आओ पहले पाओ की नीति के तहत स्पेक्ट्रम आबंटन का फैसला अकेले तत्कालीन टेलीकॉम मंत्री ए राजा का था जबकि याचिकाकर्ता सुब्रह्ममण्यम स्वामी का दावा है कि पहले आओ पहले पाओ की नीति को बतौर वित्तमंत्री चिदंबरम ने भी सहमति दी थी. गौरतलब है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में अनियमितता मामले में कोर्ट में याचिका दायर कर अपील की थी कि इस मामले में पी चिदंबरम को भी सहआरोपी बनाया जाए. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मामले की सुनवाई मंगलवार तक के लिए यह कहते हुए टाल दी थी कि मामले से जुड़ी सुनवाई पहले ही उच्चतम न्यायालय में चल रही है, इसलिए इस केस की सुनवाई उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के बाद ही किया जाएगा.

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