इस्तीफा नहीं दूंगा: गृहमंत्री

चेन्नई, 7 जून.  केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम की लोकसभा सदस्यता से जुड़े विवाद में मद्रास हाई कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं मिली. मदुरै बेंच ने 2009 में लोकसभा के लिए उनके चुने जाने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने से इनकार कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने उनके खिलाफ लगे कदाचार के 29 में से दो आरोपों को रद्द कर दिया. मद्रास हाई कोर्ट के फैसले से यूपीए सरकार और चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

इसके अलावा एयरसेल-मैक्सिस डील में उनके बेटे का नाम आ चुका है. चिदंबरम ने राजा कणप्पन की याचिका को रद्द करने की गुहार लगाई थी. कणप्पन ने 25 जून, 2009 को दायर अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि एजेंट ने चिदंबरम की सहमति से वोटों की गिनती में हेराफेरी की थी. उधर इस मामले में विपक्ष की तमाम आरोपों को रद्द करते हुए चिदंबरम ने कहा मेरा पद छोडऩे का सवाल ही नहीं उठता. और इस कारण उनके निर्वाचन को रद्द किया जाना चाहिए. उन्होंने पूरे निर्वाचन क्षेत्र विशेषकर अलंगुडी विधानसभा क्षेत्र में पड़े मतों की गिनती फिर से करने की भी मांग की है. अपनी अर्जी में चिदंबरम ने अदालत से कहा था कि जिन 29 वजहों से उनकी सदस्यता को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है, वे गलत हैं. जस्टिस के. वेंकेटरमन ने इनमें से सिर्फ दो को हटाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि बाकी 27 आधार पर चिदंबरम की सदस्यता के खिलाफ केस जारी रहेगा. ये दो आरोप चिदंबरम के चुनाव के संदर्भ में बैंक अधिकारियों और बैंको के कथित तौर पर इस्तेमाल करने से जुड़े हुए थे. कोर्ट ने कहा कि चिदंबरम के खिलाफ इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं. इस फैसले पर गृहमंत्री ने कहा है कि हाई कोर्ट का ताजा फैसला प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इसका केस की मेरिट से कोई लेना-देना नहीं है.

विपक्ष ने साधा निशाना

हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद भाजपा ने चिदंबरम के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है.  नितिन गडकरी ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद गृह मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए. पीएम से अपील करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के फैसले को देखते हुए उन्हें चिदंबरम को अपनी कैबिनेट से हटा देना चाहिए. सुब्रमण्यम स्वामी ने गृह मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है. जयललिता ने कहा कि  चिदंबरम मंत्री पद से खुद नहीं हटते, तो उन्हें हटा दिया जाना चाहिए.

बचाव में सरकार

सरकार चिदंबरम के बचाव में उतर आई है. केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि बीजेपी की इस्तीफा मांगने की आदत है. उन्होंने कहा कि इस मामले में चिदंबरम को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है.

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