नई दिल्ली, 30 सितंबर. 2जी विवाद के बाद पी चिदंबरम ने आज इस्तीफे के मसले पर पूछे गए सवाल से पल्ला झाड़ लिया।

गृह मंत्रालय की मासिक रिपोर्ट पेश करते हुए चिदंबरम ने बम धमाकों और पाकिस्तान से जुड़े सवालों के जवाब तो दिए लेकिन 2जी पर पूछे गए सवाल को टाल गए।  जब चिदंबरम से 2जी विवाद पर सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था 2जी का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसका गृह मंत्रालय से कोई मतलब नहीं है। मैं यहां बतौर गृह मंत्री मौजूद हूं। इस सवाल का गृह मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। इस सवाल का जवाब यह है कि कोई जवाब नहीं है। अपने इस्तीफे के बारे में पूछे गए सवाल पर चिदंबरम ने कहा मेरी याददाश्त कमजोर है। मुझे बीती बातें याद नहीं रहतीं। जब यह पूछा गया कि उन्होंने कितनी बार इस्तीफा देने के बारे में सोचा था, तो इस पर गृह मंत्री का जवाब था कमजोर याददाश्त के साथ साथ मेरी गिनती भी कमजोर है।

वित्त मंत्रालय की ओर से पीएमओ को भेजे गया एक नोट सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ गई थीं। इसमें तत्कालीन वित्त मंत्री (चिदंबरम) का नाम आने से विपक्ष ने मौजूदा गृह मंत्री पर हमले तेज कर दिए।  ऐसा लग रहा था कि प्रणब और चिदंबरम एक दूसरे के आमने-सामने हैं। हालांकि उस वक्त पीएम अमेरिका में थे। कहा जा रहा है कि चिदंबरम ने उस वक्त पीएम से फोन पर बात कर अपने इस्तीफे की पेशकश की। हालांकि बाद में तय हुआ कि फिलहाल 2जी घोटाले को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान न दिया जाए। इसलिए न तो प्रणब मुखर्जी और न ही चिदंबरम, 2जी पर कोई बयान दे रहे थे। लेकिन पीएम के लौटने के बाद भी सरकार की मुश्किलें कम नहीं हो रही थीं। इस बीच फिर से खबर आई कि चिदंबरम अपने ऊपर हो रहे व्यक्तिगत हमलों से आहत हैं और वह जल्द ही इस मामले का पटाक्षेप चाहते हैं। ऐसी भी खबर आई कि चिदंबरम ने पार्टी आलाकमान को इस्तीफे की पेशकश की है।

Related Posts: