प्रथम शिविर में 7 बच्चो को मिला जीवनदान

बैरागढ़ 29 जून (संवाददाता) संत हिरदाराम नगर में परमहंस संत जी की कृपा एवं परम् श्रद्धेय सिद्ध भाउ जी के मार्गदर्शन से पिछले कई वर्षो से विभिन्न बीमारियो से पीडित निर्धन रोगियों हेतु नि:शुल्क शिविर का आयोजन किया जाता रहा है.

साथ ही मार्च में मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत शिविर का आयोजन किया गया था. जिसमें सात निर्धन रोगियो के नि:शुल्क आपरे्रेशन अपोलो अस्पताल अहमदाबाद में सफलतापूर्वक किये गये जहा बच्चो को नया जीवनदान मिला. इस योजना से कई बच्चे इस गंभीर बीमारी से बाहर निकले. जिन्हे जीने का अवसर मिला है. गुरुवार को सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय में पत्रकारवार्ता आयोजित की गई जहां प्रथम शिविर की जानकारी दी गई. लोकचन्द जनयानी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बाल हृदय के अंतर्गत निर्धन बच्चो के लिए जो हृदय रोग निवारण शिविर मार्च 2012 में किया गया था जिसका सफलतापूर्वक सात बच्चो के आप्रेशन किये गये. जिन्हे इस जीवन में जीने का अवसर मिला.

अगर इस योजना के तहत इनका आप्रेशन नहीं होता तो उन्हे जीने में काफी दिक्कते होती. उन्होने आगे बताया कि नि:शुल्क आप्रेशन 20 जून से पंजीयन शुरु किया गया था. जहां अभी तक 60 रोगियो का ही पंजीयन किया गया. जिसमें से तीस रोगियो की जांच प्रथम दिवस तथा शेष तीस रोगियो की जांच की जाएगी. जिन्हे इस योजना का लाभ दिया जायेगा. शिविर में अपोलो अस्पताल बाल हृदय रोग डा पुष्कर श्रीवास्तव, क्रिटीकल केयर विशेषज्ञ तथा नरेश हिमथानी द्वारा बच्चो में हृदय रोग से जुडी समस्त बीमारियो की विभिन्न जांचे सेवा सदन द्वारा की जावेगी इसके बाद पीडित बच्चो को अहमदाबाद रेफर किया जावेगा ताकि उनका सफलतापूर्वक आप्रेशन किये जा सके. उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री हृदय रोग शिविर की शुरुआत से कई गरीब बच्चों का उपचार किया जा रहा है.

पिछले शिविर में सात बच्चो का आप्रेशन किया गया उनमे बैरागढ के 9 माह का बच्चा कृष्ण दादलानी का भी सफल आप्रेशन किया गया जबकि धीरज चौकींकर 11 वर्ष कुम्हार मोहल्ला बैरागढ का भी आप्रेशन किया गया था. जहां वे उपचरा के बाद सुखद जीवन व्यतीत कर रहे है उनके माता पिता ने बताया कि इस तरह की योजना से हमारे बच्चो का उपचार संभव हुआ है अन्यथा हम इस महंगे आप्रेशन को करा पाने में सक्षम नहीं थे लेकिन प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत हमारा सेवा सदन ट्रस्ट द्वारा आप्रेशन संभव हो सका है. उधर सेवा सदन के पी.आर.ओ. भरत चावला ने जानकारी देते हुए बताया कि एक आप्रेशन पर 40 हजार से 1 लाख रु. का व्यय होता हैं यह बच्चे की बीमारी के आधार पर सुनिश्चित किया जाता है.

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