गांधीवार्ड टोला के नागरिक नारकीय जीवन जीने को मजबूर

पिपरिया 15 नवंबर नससे. गांधीवार्ड टोला के लगभग 60-70 परिवार के नागरिक नारकीय जीवन जीने पर मजबूर है.मूलभूत सुविधाओ के अभाव के साथ ही छोटे-छोटे नन्हे बच्चे शहर के अनेको स्कूलो मे आने के लिये गंदगी भरी  मछवासा नदी पार कर पिपरिया शहर पहुंच पाते है.वही नागरिक भी दिन में अपनी आवश्यकताओ को पूर्ण कर सूर्यास्त के पूर्व घर पहुंचने का प्रयास करते है.इन परिस्थितियों में वार्डवासियो के अनुसार हमें ऐसा प्रतीत होता है कि हम शहर के वार्ड में न रहकर किसी ग्राम के टोले में रह रहे है.

पिपरिया नपा के अंतर्गत गांधीवार्ड में हमेशा कांग्रेस का वर्चस्व रहा है.इस वार्ड के विकास हेतु वार्ड पार्षदो ने भी प्रयास किये है.परंतु सफलता सीमित ही मिल पायी है.वही इस वार्ड में टोला क्षेत्र को भी पिछले वर्षो में जोड़ा गया है.परंतु सुविधा के नाम पर यह टोलाक्षेत्र आज भी हर सुविधा के लिये मोहताज है. नपा द्वारा शहर में विकास कार्यो की झंड़ी लगा दी है.नया बसस्टेंड हो,चाहे शांतिवन,इन क्षेत्रो में विकास कर शहर को सौगात दी है वही सब्जी मंडी का कार्य भी प्रगति पर है.वही जयप्रकाशशाला ,कस्तूरबा कन्या शाला क्षेत्र में काम्पलेक्स के निर्माण को लेकर भी प्रयास जारी है.वही शहर के विभिन्न वार्डो में सड़क नाली का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. परंतु गांधी वार्ड जो कि पिछले कई वर्षो से पिछड़ा रहा है.वही इस क्षेत्र में 60-70 परिवारो का यह टोला क्षेत्र भी जुड़ जाने से यह वार्ड अब मूलभूत सुविधाओ के लिये मोहताज है.

मूलभूत सुविधाओ का अभाव-गांधीवार्ड टोला में सड़क का अभाव है वही कीचड़ पानी के कारण बीमारियां चाहे जब इस क्षेत्र के नागरिको को अपने आगोश में ले लेती है.वही नाली के अभाव के साथ ही दो हेंडपंपो में नीला,पीला पानी आ रहा है जो कि पीने योग्य नही है. वार्ड के नागरिको के अनुसार पीने का पानी नलकूप से दूर दूर से लाना पड़ता है. नदी के इस पार भी सड़क नही बनने से अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ता है.वही स्ट्रीट लाईट व शासकीय नल नही पहुंचने की समस्या बरकरार है.सुविधाओ के अभाव में वार्ड वासी अनेको बार नपा व प्रशासनिक अधिकारियो के चक्कर लगा चुके है.
बच्चे करते है नदी पार-पिपरिया  शहर के उत्कृष्ट विद्यालय आरएनए, कन्या हास स्कूल, सुभाष शाला, जय प्रकाश शाला, कस्तूरबा शाल सहित शहर के विभिन्न प्रायवेट स्कूलो में अध्ययन करने वाले छोटे-छोटे बच्चे मछवासा नदी के गंदगी भरे पानी से पार कर शहर के स्कूलो में आते है.

कई छोटे-छोटे बच्चो को अपने पेंट गीले होने के डर के कारण उतारना पड़ता है.टोलाक्षेत्र के धनसिंह, श्रवण दाईमा, देवेन्द्र कीर, मिस्टर कीर, शिवकुमार बाथरे, रामदयाल कीर,अशोक कीर, ज्ञानी कीर, उमेदसिंह, प्रकाश सुक्कू कीर, गुड्डू दाईमां, कल्लू कीर सहित अनेको नागरिको ने बताया कि शहर के स्कूलो के लिये इन बच्चो को छोडऩे हम आतो जाते है परंतु जब तक बच्चे घर वापिस नही आ जाते हमे उनके आने की चिंता सताती रहती है.
वही इस नदी के आसपास जहरीले जीवजंतुओ के कारण हमेशा बच्चो को लेकर खतरा बना रहता है. अनेको लोग इलाज के अभाव में मौत के मुंह में समाये-वर्षाकाल ही नही इस सर्दी भरे मौसम में मछवासा नदी पार करना बहुत कठिन काम है कई बार रात्रि में वर्षाकाल के दौरान तेज बारिस हो जाने पर नदी पार नही करने के कारण इस क्षेत्र के लोग इलाज कराने इस क्षेत्र की घनी झाडिय़ो व नदी नाले के कारण रात्रि में शासकीय चिकित्सालय या प्रायवेट नर्सिंगहोम नही पहुंच पाने के कारण गंभीर स्थितियों में भी पहुंच चुके है. वही कई मौत के मुंह में समा चुके है.

गांधीवार्ड कांग्रेस का गढ़- गांधीवार्ड पिपरिया शहर का प्रमुखवार्ड माना जाता है इस क्षेत्र में ज्यादातर बाथरे परिवार, कीर परिवार, पटेल परिवार, ब्राहम्ण परिवार, मेहरा समाज , अहिरवार समाज का वर्चस्व है.जो कि ज्यादातर इस क्षेत्र के लोग मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते है. इस क्षेत्र के विकास के लिये पूर्व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष जिला मंत्री तुलाराम बेमन के परिवार का सक्रिय सहयोग रहा है. वर्तमान में इस वार्ड की पार्षद श्रीमति ऊषा मेहरा कांग्रेस समर्थित है.वही नपाध्यक्ष श्रीमति सरिता बैस भी कांग्रेस समर्थित है.

वार्ड में नही पहुंचते सफाईकर्मी- वार्ड वासी धन सिंह, श्रवण दाईमा, गुड्डू दाईमा व कल्लू कीर ने बताया कि गांधीवार्ड टोला में सफाई कर्मी कभी नही पहुंचते. जबकि हमारे द्वारा बार-बार नपा को इस स्थिति से अवगत कराया है.

-नगर पालिका ने कहा –
गांधीवार्ड टोला पिछले वर्षो में जुड़ा है इसके विकास हेतु हमारे प्रयास जारी है.इस वार्ड में सड़क,नाली,निर्माण हेतु पिछली बैठको में प्रस्ताव स्वीकृत हुए है.शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होगे. गरीबो के लिये शौचायल का निर्माण होना था इस हेतु राशि भी स्वीकृत हुई थी.परंतु इस क्षेत्र में किसी ने जमीन नही दी इस लिये  यह राशि वापिस चली गई.जबकि नपा ने बहुत प्रयास किये.अब इस वार्ड में जमीन देने एक दो लोग तैयार हुए है.नपा पुन: प्रयास कर रही है.सभी के सहयोग से नगर का विकास करना मेरा उद्देश्य है.
श्रीमति सरिता  बैस, अध्यक्ष नपा परिषद

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