अशोकनगर 23 अक्टूबर नससे. – पछाड़ी खेड़ा रोड़ के किनारें  लगायी गई आतिशवाजी दुकानों पर बो नियम एवं सावधानियो के इंतजाम नही देखे गये जो लायसेंस बनबाते समय रखे जाते है ।

फटाका बिके्रता प्रशासन के द्वारा बनाये गये नियम एवं साबधानियो का अनदेखा कर इस बात कि फिक्र भी नही कर रहे थे जबकि आतिशबाजी कि दुकाने बीच बस्ती में लगाई गई है आगजनी से बचाव करने सुरक्षा के कोई इंतजाम मौजूद नहीं है। आतिशवाजी स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। गंभीर मामला होने के बाद भी इसकी अनदेखी की जा रही है। पछाड़ी खेडा पर करीब एक सैकड़ा से भी अधिक आतिवाजी की दुकानें लगायी गई है। प्रति दुकानदार से निश्चित राशि लेकर जगह आवंटित की गई है। वहीं लायसेंस की राशि भी ली गई है। बदले में दुकानदारों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किये गये।

नियमानुसार प्रत्येक दुकान के बीच करीब दस फुट की जगह छोड़ा जाना जरूरी है। लेकिन पछाड़ी खेड़ा पर लगाई गयी सभी दुकाने  पास पास और कतारवद्ध लगायी गई है। मौके पर यदि आगजनी की घटना होती है तो इससे बचाव के लिये यहाँ न तो फायर बिग्रेड है और न अन्य फायर फाईटिंग सिस्टम ही मौजूद है। यहाँ तक की आग को रोकने के लिये दुकानदारो के द्वारा रेत की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में यहाँ हादसे की अशंकाऐं बढ़ रही है।

पुलिस बल भी नहीं मौजूद- मौके पर बीड़ी सिगरेट पीने वालों को रोकने के साथ अन्य ज्वलनशील पदार्थो पर प्रतिबंध लगाने यहाँ पर्याप्त पुलिस बल को तैनात नहीं किया गया। रविवार से लगी दुकानों पर भीड़ बड रही है साथ ही धनतेरस पर पटाखा दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ेगी।  चार बजे तक कोई व्यवस्था नहीं की गई  थी। सूत्रो के अनुसार  सुरक्षा को लेकर यहाँ दो जवानों की तैनाती की गई है। लेकिन पुलिस के जवान मौके से नदारद पाये गये।

बच्चे बेच रहे थे आतिशबाजी:- नियमो के उलंघन के साथ साथ लायसेंस धारी अपने अपने बच्चो को आतिशबाजी की दुकान पर बिठाल कर आतिशबाजी बिचवा रहे थे जवकी ऐसी घातक आतिशबाजी को समझ दार बुद्वीमान हाथो से ही बेचने की अनुमति होना चाहिये । कलम के हाथो फटाके शोभा नही दे रहे थे

अमानक अतिशबाजी बेच रहे है लोग:- बैसे प्रशासन अबैध फटाक ा र्निमाताओ कि तलाश में रहती है इस वक्त एैसे अनेक फटाका बिक्रेता मिल सकते है जो अवैध आतिशवाजी कि दुकानो से फटाका खरीद कर लाये है इनके बिल चैक कर प्रशासन खोज सकता है। लायसेंस स्वीकृत करने बाले जवावदार अधिकारी से नियमो के बारे में जानना चाहा तो जानकारी की अनिविघता जाहिर करते हुऐ फटाखा बिक्रेताओ पर कार्यबाही करने कि बात करने लगे एैसी असाबधानियो से यदि कोई दुर्घटना घटती है तो जबाबदार कोन होगा ।

Related Posts:

पंचायत से राजधानी तक चलेगा सुशासन अभियान : अनन्त
नेता प्रतिपक्ष की जन चेतना यात्रा का प्रथम चरण 11 मई से
शिवराज ने की मोदी से भेंट, कृषि बीमा पर आये सुझावों से अवगत कराया
प्रदेश में कोई नहीं रहेगा बेघर
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान पांच लोगों की मौत
खाचरोद में मटर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के होंगे प्रयास : शिवराज