लोकपाल पर सोनिया ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली, 9 नवंबर. सरकार एक मजबूत लोकपाल बिल लाने के लिए प्रतिबद्ध है और अब इस मुद्दे पर ज्यादा हो हल्ला मचाने की कोई जरूरत नहीं है।

सोनिया गांधी ने लंबी चुप्पी के बाद आज पहली बार सार्वजनिक तौर पर लोकपाल कानून को लेकर अपनी राय रखी। उत्तराखंड में एक कार्यक्रम में बीमार होने की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष तो नहीं पहुंच पाईं, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में उनका लिखित बयान पढ़ा गया। सोनिया गांधी ने अपने भाषण में कहा है कि सरकार एक मजबूत लोकपाल बिल लाने के लिए प्रतिबद्ध है और अब इस मुद्दे पर ज्यादा हो हल्ला मचाने की कोई जरूरत  नहीं है। सोनिया ने अपने भाषण में यह भी कहा कि भ्रष्टाचार से सिर्फ भाषण दे देकर ही नहीं लड़ा जा सकता। हाल ही में मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि सोनिया जल्द ही कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथों में सौंप सकती हैं। सोनिया गांधी विदेश में इलाज कराकर लौटने के बाद होने वाली अपनी पहली रैली में नहीं पहुंच सकीं। कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा है कि सोनिया को मंगलवार शाम से वायरल बुखार है जिस कारण वो आज रैली में शामिल नहीं हो सकीं। गौरतलब है कि सोनिया ने सार्वजनिक तौर पर इससे पहले लोकपाल पर अपनी राय जाहिर नहीं की थी।

स्थिति साफ करें अन्ना – वहीं, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अन्ना हजारे पर एक बार सीधे हमला बोलते हुए कहा है कि गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता को यह साफ करना चाहिए कि वह उत्तर भारतीयों को लेकर एमएनएस नेता राज ठाकरे के बयानों के बारे में क्या सोचते हैं? ट्विटर पर की गई टिप्पणी में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अन्ना के उस बयान पर कटाक्ष किया है, जिसमें अन्ना ने अपनी कोर कमिटी का विस्तार करते हुए उसमें दलितों, आदिवासियों, मुस्लिमों और युवाओं को लेने की बात कही थी। नेहरू के जन्मदिन से कांग्रेस का फूलपुर से चुनावी अभियान – उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेहरू के जन्मदिन 14 नवम्बर और उनके संसदीय क्षेत्र फूलपुर से चुनावी अभियान की शुरूआत कर रही है. अगले विधानसभा को मिशन 2012 का नाम दे चुके कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन और उनके संसदीय क्षेत्र से राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान की शुरूआत करेंगे.

उत्तर प्रदेश में पार्टी के चुनाव अभियान की कमान संभाले राहुल गांधी लगातार लोगों से सम्पर्क के लिये राज्य के दौरे पर हैं. पिछले सप्ताह उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर का दौरा किया था. पिछले 1989 से राज्य में सत्ता से दूर कांग्रेस संभवत: पहली बार पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन 14 नवम्बर और उनके संसदीय क्षेत्र फूलपुर से चुनावी अभियान की शुरूआत कर रही है. राहुल गांधी 14 नवम्बर को फूलपुर में पांच केन्द्रीय मंत्रियों के जन सम्पर्क अभियान को झंडी दिखायेंगे. राहुल गांधी लगातार पुराने वोट बैंक दलित,मुस्लिम और ब्राहम्ण को पार्टी से जोडने के प्रयास में लगे हैं. ब्राहम्ण,दलित और मुस्लिम कांग्रेस का ठोस वोट बैंक हुआ करता था लेकिन अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा गिराये जाने के बाद ब्राहम्ण भारतीय जनता पार्टी के साथ मुस्लिम समाजवादी पार्टी के और दलित बहुजन समाज पार्टी के साथ चले गये. कांग्रेस महासचिव मुस्लिम और ब्राहम्ण बहुल गांवों में चौपाल लगाकर उनसे सम्पर्क साधते रहे हैं. बसपा प्रमुख मायावती के दलित वोट बैंक में सेंध के लिये उन्होंने अंबेडकरनगर जिले में रैली की और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन पर संदेश यात्राओं को रवाना किया. राहुल गांधी यह समझते हैं कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन और उनके संसदीय क्षेत्र से चुनाव अभियान शुरू करने से उत्तर प्रदेश में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नेहरू युग की वापसी का संदेश जायेगा. कांग्रेस लोकसभा के पिछले चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर चुकी है.

 

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