नयी दिल्ली, 1 जून. दुनिया के कई दिग्गज खिलाडिय़ों के पैसों से भरपूर आईपीएल के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम से किनारा करने और देश तथा क्लब को लेकर चल रही बहस के बीच मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि क्लब क्रिकेट कभी भी राष्ट्रीय क्रिकेट की जगह नहीं ले सकता.

सचिन ने एक निजी चैनल से कहा कि क्लब क्रिकेट कभी भी राष्ट्रीय क्रिकेट की जगह नहीं ले सकता. इसमें कोई शक नहीं कि यह एक बेहतरीन प्लेटफार्म है. क्रिकेट की एकमात्र ऐसा खेल है जिसमें आपके पास तीन फार्मेट हैं. टवंटी-20 क्रिकेट नए खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देता है. उन्होंने कहा कि साथ ही यह प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों के लिए भी एक अच्छा मंच है. हो सकता है कि वे कई वर्षों से मेहनत कर रहे हों लेकिन उन्हें कभी भी राष्ट्रीय टीम में आने का मौका न मिला हो. इससे उन्हें पैसा कमाने का भी मौका मिलता है जो बहुत जरूरी है क्योंकि भारत के लिए खेलने का सपना पूरे करने के लिए उन्होंने अपने कई साल बर्बाद किए हैं.

उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड के धुरंधर बल्लेबाज केविन पीटरसन के वनडे और अंतरराष्ट्रीय टवंटी-20 मैचों से संन्यास लेने के बाद क्लब और देश की बहस एक बार फिर तेज हो गयी है. पीटरसन पैसों से भरपूर आईपीएल के खेलना जारी रखेंगे. उनसे पहले भी कई खिलाड़ी आईपीएल को तरजीह देते हुए अपनी राष्ट्रीय प्रतिबद्धओं से किनारा कर चुके हैं.
सचिन ने कहा कि नंबवर में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज में टीम इंडिया का ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है और उसके मन में बदला लेने जैसी कोई बात नहीं है. उल्लेखनीय है कि भारत को पिछले इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी और इसके साथ ही उसका आईसीसी टेस्ट रैकिंग में नंबर एक का ताज भी छिन गया था.
मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में टीम इंडिया अति आत्मविश्वास या आत्ममुग्धता के कारण नहीं हारी थी. उन्होंने कहा कि विश्वकप में जीत के बाद खिलाडिय़ों में अति आत्मविश्वास या आत्ममुग्धता जैसी कोई बात नहीं थी. टीम को नंबर एक की रैंकिंग रातोंरात नहीं मिली थी.

हमने कडी मेहनत से हासिल किया था लेकिन हम इसे बरकरार नहीं रख पाए थे. कभी.कभार चीजें आपके मनमाफिक नहीं रहती हैं. उन्होंने कहा कि टीम का ध्यान फिर से नंबर एक की कुर्सी हासिल करना है. उन्होंने कहा कि टीम में हर खिलाड़ी की अपनी एक भूमिका है और हम उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश करेंगे. हम किसी बदले की भावना से नहीं उतरेंगे क्योंकि किसी भी मैच में हमारा लक्ष्य देश के लिए जीत हासिल करना होता है. हम जीत के लिए पूरा प्रयास करेंगे.

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