भोपाल, 28 अप्रैल. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बारदानों के संबंध में दिये गये तथ्यों को झूठा और किसानों के साथ धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि वास्तव में मध्यप्रदेश सरकार ने बारदानों की सही मात्रा के संबंध में केन्द्र सरकार को बताया ही नहीं.

केन्द्र से जो वादा राज्य सरकार से किया उसे पूरा नहीं किया और जब वह किसानों द्वारा उत्पादित अनाज को खरीद पाने में असमर्थ हो गई तो उसने बोरों को लेकर केन्द्र पर दोषारोपण कर अपनी असफलता को छुपाने का षणयंत्र रचा.  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इसके लिये 15 दिन में सार्वजनिक रूप में माफी मांगने को कहा है. नेताप्रतिपक्ष ने बयान में वे स्वयं खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली राज्यमंत्री के.व्ही. थॉमस से मिले. उन्होंने सारे तथ्य व दस्तावेज दिखाते हुए राज्य सरकार द्वारा बारदानों की मांग के संबंध में किये गये पत्र व्यवहार की जानकारी दी. खाद्य राज्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वयं ही डेढ़ लाख बारदानों की गठानों का इंतजाम करने की बात केन्द्र सरकार से कही लेकिन बाद में वह अपनी ही बात से मुकर गई.

समर्थन मूल्य पर 37.64 लाख मी.टन गेहूं खरीदा -मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर अब तक 37 लाख 64 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार उपार्जित गेहूं की 83 प्रतिशत मात्रा का भंडारण किया जा चुका है. इस गेहूं खरीदी के एवज में 4 लाख .3 हजार 426 किसानों को 5.50 करोड .8 लाख 57 हजार रूपयों का भुगतान उनके बैंक खातों में कर दिया है.

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