भोपाल, 29 जुलाई. राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भ्रष्टाचार को विकास से जोडऩे की नई परिभाषा देने पर आलोचना करते हुये कहा कि उनका यह बयान इस बात की स्वीकारोक्ति है कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार हो रहा है और इसे रोकने में वे असफल हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के सारे लोग इसमें शामिल हैं.

सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार विकास के कारण नहीं है बल्कि दिलीप सूर्यवंशी और सुधीर शर्मा जैसे व्यवसायियों के कारण है जिन्हें भाजपा सरकार और संगठन का संरक्षण मिल रहा है. सिंह ने कहा कि संस्थाओं और कानून से भ्रष्टाचार नहीं रुकता इसके लिये सरकार का ईमानदार होना जरूरी है. सिंह ने कहा कि जनता सरकार को विकास के लिये ही चुनती है इसमें भ्रष्टाचार सरकार की नियत खोटी होने के करण होता है. मुख्यमंत्री अपनी ओर से विकास के साथ भ्रष्टïाचार को जोड़कर जो स्वीकरोक्ति दे रहे हैं उनकी यह परिभाषा भी पूरे देश में प्रदेश के भ्रष्टाचार में चरम पर होने के बाद एक नई मिसाल बनेगी. ङ्क्षसह ने कहा है कि उनकी यह परिभाषा उनकी अपनी मजबूरी हो सकती हैलेकिन लोकतंत्र की नहीं. ङ्क्षसह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टïाचार विकास के कारण नहीं है, क्योंकि वह तो न के बराबर है.

नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार रोकने के नाम पर अपने को ईमानदार बताने के लिये विशेष न्यायालय अधिनियम ईओडब्ल्यू लोकायुक्त को मजबूत बनाने की बात न कहें क्योंकि ये सब सरकार के इशारे पर हैं. यही कारण है कि आज तक इन संस्थाओं ने अधिकारी-कर्मचारी तो पकड़े लेकिन पिछले आठ सालों में जिस भाजपा सरकार व उसकी पार्टी के संरक्षण में प्रदेश के भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत हुईं उनके यहां तो न छापे पड़े हैं न ही उन पर कार्यवाही हुई. उल्टे सुधीर शर्मा और दिलीप सूर्यवंशी के यहां पड़े छापों के बाद सरकार भ्रष्टाचार पर परदा डालने के लिये हर कोशिश में लगी हुई है.

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