भोपाल,18 मई,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में गेहूँ खरीदी की जमीनी हकीकत देखने के लिये आज से खरीदी केन्द्रों में आकस्मिक रूप से पहुँचकर निरीक्षण का दौर प्रारम्भ किया.चौहान के वाहनों का काफिला आज स्टेट हेंगर की ओर जाते हुए अचानक भोपाल की करोंद मंडी तरफ मुड़ गया.

वहाँ केवल किसान थे, तुलावटी थे, खरीदी से जुड़े अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे. प्रशासन को मुख्यमंत्री के आने की भनक नहीं होने से पहले से वहाँ कोई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित नहीं था. हालांकि पता लगते ही थोड़ी ही देर में ही कमिश्नर, कलेक्टर अवश्य वहाँ पहुँच गये थे. सीएम के साथ उनके प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव निरीक्षण के दौरान मौजूद थे. गौरतलब है  मूल्य पर गेहूँ की खरीदी में देश में सर्वाधिक खरीदी करने वाला राज्य हो गया है. चौहान ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि उनका पूरा गेहूँ खरीदा जायेगा. बीच में बारदानों की कमी से रूकावट आयी थी परंतु अब खुले में भी गेहूँ खरीदा जा रहा है. यदि कोई किसान अपने बारदाने में गेहूँ ला रहा है तो वह भी खरीदा जा रहा है. खुले में खरीदे गेहूँ को बाद में बारदानों में भरा जायेगा. उन्होंने कहा कि आगामी 31 मई तक गेहूँ का एक-एक दाना खरीदा जायेगा. गेहूँ खरीदी में यदि कोई भी गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

मुख्यमंत्री ने मण्डी में जिन स्थानों पर गेहूँ की तुलाई तथा पैकिंग हो रही थी वहाँ जाकर व्यवस्थाएँ देखी और किसानों से बातचीत की. किसानों ने बताया कि उन्हें एसएमएस से सूचना मिल रही है. गेहूँ खरीदी में कोई दिक्कत नहीं है. मुख्यमंत्री ने खुले में तुल रहे गेहूँ की व्यवस्था भी देखी. किसानों ने कहा कि इसमें कोई परेशानी नहीं है. यहाँ पर गेहूँ तोलने वाले हम्मालों ने बताया कि 62 वर्ष की उम्र के बाद उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है. मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कार्रवाई करने की बात कही.
किसानों ने कहा कि खरीदी के बाद उनके खाते में पैसा जमा हो जाता है परंतु बैंक से भुगतान होने में समय लगता है. मुख्यमंत्री ने इस संबंध में बैंक अधिकारियों से बात करने के निर्देश कलेक्टर को दिये. मुख्यमंत्री ने खरीदी रजिस्टर का अवलोकन भी किया. करोंद मण्डी में कल एक दिन में करीब 3,600 क्विंटल गेहूँ खरीदा गया था. मुख्यमंत्री ने धर्मकाँटे पर तोली जा रही पूरी ट्राली की व्यवस्था को भी देखा.मुख्यमंत्री ने मण्डी में कैंटीन में पहुँंचकर किसानों के लिये की गयी भोजन व्यवस्था का जायजा भी लिया. यहाँ पर किसानों को कम कीमत पर अच्छा भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने नवबहार सब्जी मण्डी को करोंद में स्थानांतरित करने के निर्देश दिये.

किसानों की समस्याओं को लेकर श्रीनिवास तिवारी ने सौंपा ज्ञापन
15 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेंहु खरीदी की व्यवस्था 15 दिन भी ठीक नहीं चल पाई. नतीजन हुआ यह की जो व्यवस्था प्रदेश के किसानों के हित में संचालित होनी चाहिये थी, वह दलालों व्यापारियों मुनाफा खोरों की तरह झुक गई. यह शिकायत आज राज्य पाल से कांगे्रस ने ज्ञापन सौंपते बक्त की. इस व्यवस्था की बदइंतजामी इस समय इतनी अधिक बढ़ गई है कि किसानों को गेहूं बेचने के लिये खरीदी केन्द्रों में हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है. भुगतान हेतु किसानों को परेशान होना पड़ रहा है. इस बदइंतजाम के पीछे बहाना यह है केन्द्र से बारदानों की आपूर्ती नहीं हो रही. जबकि केन्द्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ती मंत्री ने अपने पत्र के माध्यम से मुख्य मंत्री को स्पष्ठï कर चुके है है कि केन्द्र ने राज्य को उसकी मांग के मुताबिक गेंहू खरीदी हेतु बारदाना दिया है. अव्यवस्था राज्य सरकार की लापरवाही से निर्मित हुई है.

कांग्रेस ने यह की मांग-

प्रदेश के किसानों का गेंहू समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिये केन्द्रों मंडियों में बारदाने तुलाई भुगतान तथा परिवहन की आवश्यकता पूरी व्यवस्था सुनिश्चित हो.

-गेंहू उपार्जन की मात्रा के हिसाब से भंडारण की पर्याप्त और सुरक्षित व्यवस्था की जाये.
-खरीदी केन्द्रों में ऐसी कारगर व्यवस्था की जाये जिससे किसान दलाल और व्यापारी के शोषण से बच सकें.

-गेंहू तुलवाने के मामले में किसानों के साथ राजनीतिक अधार पर किसी प्रकार का भेदभाव न बरता जाये, पंजीयन की वरिष्ठïता के अधार पर किसानों को बुलवाया जाये तथा तुलवाई के समय चौथे वसूली तत्काल बंद हो.

-जिला प्रशासन गेंहू बेचने आने वालों किसानों को अपना दुशमन मानने की मनोवृत्ति त्यागे और गेंहू उर्पाजन की प्रकिया में उनके साथ सहयोग और सदभावनापूर्ण बर्ताव करें.

-गेंहू तुलवाई के बाद अधिकतम दो दिन के भीतर किसानों को बैंक सोसायटी द्वारा उनकी उपज का पूरा भुगतान किया जाये.

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