सरकार ने चार समूह के खिलाफ की कारवाई

नई दिल्ली, 13 सितंबर. कोयला खान आवंटनों की जांच कर रहे अंतर मंत्रालयी समूह ने निर्धारित समय में खान का विकास नहीं करने पर निजी कंपनियों को आवंटित चार खानों का आवंटन रद्द करने तथा तीन अन्य फर्मों की बैंक गारंटी जब्त करने की सिफारिश की है।

कोयला मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम जाहिर ने किए जाने की शर्त पर यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि समूह ने कल आठ मामलों की समीक्षा की थी और उसने चार खानों का आवंटन रद्द करने की सिफारिश की है। इनमें से दो खानें निजी फर्म फील्ड माइनिंग एंड इस्पात को आवंटित हैं। फील्ड माइनिंग एंड इस्पात सहित 58 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। फील्ड माइनिंग एंड इस्पात ने महाराष्ट्र में शिनोरा तथा वारोरा सदर्न पार्ट कोयला खान का विकास समय पर नहीं किया। कैग की रपट के बाद कोयला खानों के आवंटन को लेकर शुरू हुए विवाद में मंत्रालयी समूह की यह पहली सिफारिश है। समूह ने कल आठ घंटे लंबी बैठक में आठ मामलों की समीक्षा की थी।

समूह ने छह, सात व आठ सितंबर को कुल मिलाकर 29 कोयला खान आवंटियों का पक्ष सुना था। इस बीच कोयला मंत्राल श्रीप्रकाश जायसवाल ने उम्मीद जताई है कि मंत्रालयी समूह 17 सितंबर तक अपनी पहली रपट दे देगा। इसके लिए 15 सितंबर की अंतिम तारीख तय की गई थी। कोयला मंत्रालय ने आईएमजी की सिफारिशों को मान लिया है। इससे पहले पी. चिदंबरम और कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल की बैठक के बाद इस संबंध में निर्देश जारी किया गया। इस बैठक में कोयला और आर्थिक मामलों के सचिवों की मौजूदगी में हुई।

वित्त मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव द्वारा कोयला मंत्रालय को लिखे गए पत्र के आधार पर दोनों मंत्रालयों के बीच मतभेद के संबंध में मीडिया में आई खबरों को खारिज करते हुए वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि यह पत्र नियमित प्रशासनिक मामले से जुड़ा था। इस पत्र में आईएमजी के अध्यक्ष से हर मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और तथ्य आईएमजी के सभी सदस्यों को सौंपने के लिए कहा गया था, जिसके बगैर वह कोई फैसला करने की स्थिति में नहीं होगा, न ही कोई सिफारिश की जा सकती है। वित्त मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा वित्त मंत्रालय द्वारा जारी पत्र नियमित प्रशासनिक मामले से जुड़ा था, जिसमें आईएमजी के अध्यक्ष से हर मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और तथ्य हर सदस्य को मुहैया कराने के लिए कहा गया था।

इसमें कहा गया कि इस पत्र के बाद कोयला मंत्रालय ने अपने सभी सदस्यों को पूरी जानकारी मुहैया कराई। पत्र के मुताबिक वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने आईएमजी की हर बैठक में हिस्सा लिया और दोनों मंत्रालयों के बीच कोई मतभेद नहीं है। वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा दोनों मंत्रियों का स्पष्ट निर्देश है कि आईएमजी को अपना काम बगैर किसी देरी के पूरा कर लेना चाहिए और सरकार को जल्द से जल्द रपट सौंपनी चाहिए। अतिरिक्त कोयला सचिव जोहरा चटर्जी के नेतत्व में आईएमजी को 2005-2009 के बीच निजी और सार्वजनिक कंपनियों को आवंटित 58 कोयला ब्लॉक के विकास के काम में हुई प्रगति की समीक्षा का जिम्मा दिया गया था।

कोयला मुद्दे पर भाजपा गुमराह कर रही: कांग्रेस

कांग्रेस ने कोयला ब्लॉक आवंटन पर प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी पर देश को गुमराह करने एवं संसद की कार्यवाही ठप्प कर अपने गुनाहों को छिपाने का आरोप लगाया. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा, भाजपा देश को गुमराह कर रही है. वे अपने गुनाहों को छिपाना चाहते हैं. नारायणसामी ने मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताया और कहा कि भाजपा को पहले खुद के मुख्यमंत्रियों का इस्तीफा मांगना चाहिए क्योंकि उन्होंने नीलामी की प्रक्रिया का विरोध किया था. वे  निर्णय की प्रक्रिया में साझेदार थे, भाजपा को मुख्यमंत्रियों से इस्तीफा मांगना चाहिए. नारायणसामी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक का उदाहरण देते हुए बताया कि इन्होंने पसंदीदा कंपनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन करने के लिए अनुशंसा की थी.

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