नई दिल्ली, 22 मार्च, नससे. कोयला घोटाले के कारण संसद की कार्यवाही एक बार फिर बाधित हुई. सुबह 11 बजे प्रश्नकाल शुरू होते ही सारे विपक्षी सदस्य कोयला खानों के आवंटन में नीलामी प्रक्रिया को नहीं अपनाने के कारण 10 लाख 70 हजार करोड़ रूपए के राजस्व के नुकसान संबंधी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर हंगामा करने लगे.

अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया जिसे उन्होंने अनसुना कर दिया. विपक्षी दलों के सदस्य अपनी सीट पर खड़े होकर जोर-जोर से बोलने लगे. सदन में शोरशराबा शुरू हो गया और भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यू) के सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए. मीरा कुमार ने उत्तेजित सदस्यों को अपने स्थान पर लौटने की अपील की लेकिन वे नही माने. इसपर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी. उल्लेखनीय है कि एक अंग्रेजी दैनिक में कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए खबर प्रकाशित की है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच कोयला खानों के आवंटन के लिए नीलामी की प्रक्रिया अपनाए जाने के कारण दस लाख सत्तर हजार करोड़ रूपए के राजस्व का नुकसान हुआ है. अभी यह रिपोर्ट संसद में पेश नहीं हुई है.

रपट भ्रामक-कैग

कैग ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिन में पत्र लिख कर स्पष्ट किया कि मीडिया में प्रकाशित रपट बेहद भ्रामक है. मीडिया रिपोर्ट में कैग की रपट के हवाले से कहा गया है कि 2004 से 2009 के दौरान निजी और सरकारी कंपनियों को कोयला खनन क्षेत्रों को बिना नीलामी के आवंटन के चलते सरकारी खजाने को 10.67 लाख करोड़ रुपये के संभावित राजस्व की हानि हुई. मीडिया में खबर आने के बाद कैग ने प्रधानमंत्री को आज ही एक पत्र लिखा, जिसका ब्योरा प्रधानमंत्री कार्यालय ने जारी किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार कैग ने पत्र में स्पष्ट किया है कि कि मौजूदा मामले में जो ब्यौरे सामने आए हैं वे कुछ टिप्पणियां हैं जिन पर अभी शुरुआती दौर की चर्चा हो रही है. यह रपट हमारी अंतिम रपट के पहले की रपट का मसौदे भी नहीं कही जा सकती. कैग ने इस पर आधारित मीडिया की रपटों को अति भ्रामक करार दिया है.

सीबीआई जांच हो: भाजपा

बिना नीलामी के कोयला ब्लाक आवंटन करने से कंपनियों को कथित अनुचित लाभ पहुंचाने से राजस्व को हुए 10.67 लाख करोड़ रुपये के नुकसान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेसीबीआई जांच कराने की आज मांग की।

कोयला खदानों के आवंटन में तथाकथित घोटाले के बाद सियासी उबाल आ गया है। बीजेपी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री सहित सरकार को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी नेता प्रकाश जावड़केर ने इस घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस घोटाले के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदार हैं। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह बहुत गंभीर घोटाला है जिसमें भारी लूट की गई है जिसके बाद सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

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