प्रदेश हित में लिखा पीएम को पत्र

भोपाल,29 अगस्त,नभासं.राज्य सरकार के संकटमोचक और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सखा कैलाश विजयवर्गीय आज फिर एक बार शिवराज के बचाव में आगे आए उन्होंने कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले को लेकर देश भर में चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच कहा कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार और कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान होकर एक षडयंत्र के तहत उनकी छवि को बिगाडऩे का प्रयत्न कर रहे हैं.

विजयवर्गीय ने यहां पत्रकारों से चर्चा के दौरान उस पत्र की प्रति भी पत्रकारों को सौंपी जिसके आधार पर भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री को कोयला आवंटन मामले में समान रुप से दोषी ठहराया जा रहा है.ये पत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो नवंबर 2007 को प्रधानमंत्री को लिखा था.विजयवर्गीय ने कहा कि रिलायंस पॉवर लिमिटेड सीधी जिले के चितरंगी तहसील में 4000 मेगावाट की बिजली परियोजना पर काम कर रही है और इस काम में राज्य सरकार उसे सहायता प्रदान कर रही है. इसी परिप्रेक्ष्य में चौहान ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि मोहर अम्लोरी एक्सटेंशन और छत्रसाल ब्लाक के शेष कोयले का उपयोग राज्य की चितरंगी तहसील में रिलायंस पॉवर लिमिटेड के द्वारा विकसित किए जाने वाले नए पॉवर प्लांट के लिए करने की अनुमति दी जाए. विजयवर्गीय ने कहा कि पत्र में यह कहीं नहीं लिखा है कि कोयला ब्लाक का आवंटन नियम विरूद्ध तरीके से किया जाए.

पत्र में यह भी नहीं लिखा है कि नियमों को दरकिनार करके यह काम किया जाए. उन्होंने कहा कि रिलायंस की परियोजना शीघ्र पूरी होने पर 30 प्रतिशत बिजली राज्य सरकार को काफी कम दर पर मिलना है. इसलिए यह पत्र लिखा गया लेकिन केंद्र सरकार षडयंत्र के जरिए मुख्यमंत्री चौहान की छवि बिगाडने का प्रयास कर रही है जो निंदनीय है. विजयवर्गीय ने कहा कि केंद्र सरकार और कांग्रेस मुख्यमंत्री के जिस पत्र का हवाला दे रही है,उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. इसके बावजूद जानबूझकर मुख्यमंत्री की छवि बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को दो सौ से लेकर तीन सौ पत्र लिखे लेकिन केंद्र सिर्फ उन पत्रों पर ही प्रतिक्रिया देती है.जो उसके अनुकूल होते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए.

राज्य के उद्योग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसके लिए देश.विदेश के दौरे करके बडे बडे आयोजन भी किए गए. सरकार निवेशकों को भरोसा दिलाती है कि उसकी पूरी मदद की जाएगी और ऐसा किया भी जाता है. इसी आधार पर रिलायंस कंपनी के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा था और उसमें नियम. विरूद्ध कुछ भी नहीं है. कैग की रिपोर्ट को लेकर पूछे गए अनेक सवालों का जवाब विजयवर्गीय टालते हुए नजर आए और कहा कि यह सब केंद्र से जुडे मामले हैं.हाल में एमपीसीए के अध्यक्ष पद का चुनाव लडने वाले विजयवर्गीय ने इससे और इंदौर में भाजपा की राजनीति से जुडे सवालों का जवाब भी नहीं दिया और कहा कि आज वह सिर्फ मुख्यमंत्री के पत्र के संबंध में जवाब देंगे.

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