कम मूल्य वर्ग के स्टाम्पों की हो रही कालाबाजारी

स्टाम्प की मारामारी के दौर में कालाबाजारी बढ़ रही है, जिनके पास संबंधित मूल्य वर्ग के स्टाम्प कुछ मात्रा में मौजूद हैं, वे उन्हें चौगुनी कीमत तक में बेंच रहे हैं. आम आदमी जब स्टाम्प लेने जाता है तो पहले उसे मना कर दिया जाता है, फिर दलालनुमा लोग कुछ देर बाद उससे संपर्क करके 4-5 गुना अधिक कीमत तक बताते हैं. इस बीच मोल भाव में जो राशि तय हो जाती है, उस पर उसे स्टाम्प उपलब्ध करा दिया जाता है.

विदिशा, 20 नवम्बर. कम मूल्य वर्ग के स्टाम्पों को लेकर आम जनता ज्यादातर परेशान हो रही है. वहीं स्टाम्प विक्रेताओं की इन स्टाम्पों के विक्रय में अधिक रूचि नहीं होती, क्योंकि उन पर उन्हें कमीशन कम मिलता है.

स्टाम्प विक्रेता ऐसे ग्राहकों की सेवा में तत्पर रहते हैं, जो भारी भरकम राशि के स्टाम्प खरीदते हैं. ऐसे लोगों के लिये वे अपनी सेवाएं उनके मनचाहे स्थान पर भी देने को तैयार हो जाते हैं. इस तरह की कार्यप्रणाली के कारण गरीब और आम व्यक्ति सर्वाधिक पीडि़त रहता है. क्योंकि उसे ज्यादातर 10, 20, 50 और 100 रूपये के स्टाम्पों की ही जरूरत होती है. कलेक्ट्रेट के पास स्थित जिला अभिभाषक  भवन में स्टाम्प विक्रय होते हैं और अव्यवस्थाओं तथा समस्याओं की जानकारी जिला प्रशासन तक नियमित रूप से पहुंचती है, फिर भी जिला प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है. उक्त समस्या के निराकरण में या तो वांछित मूल्यवर्ग के स्टाम्प पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होकर आसानी से विक्रय कराये जायें या फिर इसका कोई विकल्प लागू किया जाये, ताकि समस्या मिट सके.

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोर्ट-कचहरी के अलावा विभिन्न कार्यों में आम लोगों को स्टाम्प की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन जिला मुख्यालय पर पिछले काफी समय से 50 व 100 रुपए के स्टाम्पों का टोटा बना हुआ है. लोगों का कहना है कि  जिला मुख्यालय पर इन स्टाम्प के न मिलने से जहां शासन को राजस्व की हानि हो रही है वहीं उनके विभिन्न कार्य प्रभावित हो रहे हैं. ऐसे में उन्हें वैकल्पिक रास्ते अपना कर मशक्कत करते हुए अपने कार्यों को निपटाना पड़ रहा है. लोगों ने शासन-प्रशासन से उक्त समस्या के शीघ्र निदान की मांग की है. सुलझ सकती है समस्या – इस संबंध में जिला कोषालय अधिकारी एस.के. सक्सेना का कहना है कि जिला मुख्यालय पर करीब 8 माह से 50 व 100 रुपए के  स्टाम्प की समस्या बनी हुई है. श्री सक्सेना ने इसका कारण बताया कि नासिक में गवर्मेंट सिक्युरिटी प्रेस है और वहीं पर यह उक्त स्टाम्प प्रिंट नहीं हुए हैं, जिसके कारण समस्या बनी हुई है. उन्होंने कहा कि करीब 15 दिन में उक्त समस्या का समाधान हो जाएगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी.

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