टीम अन्ना और उनके सहयोगियों पर हमले जारी, कहा आरएसएस का मुखौटा और भाजपा का दलाल

नई दिल्ली, 6 नवंबर. अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों पर हमले जारी हैं। टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल को आज महाराष्ट्र के नागपुर में काले झंडे दिखाए गए।

महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में दौरा और सभा करने गए अरविंद केजरीवाल को नागपुर में घंटा नाग संगठन के लोगों ने काले झंडे दिखाए गए। इस संगठन के लोगों ने केजरीवाल को ‘आरएसएस का मुखौटा’ और ‘भाजपा का दलाल’ तक कह दिया। इस दौरान झंडे दिखाने वाले संगठन के लोगों और केजरीवाल समर्थकों के बीच झड़प भी हुई।  हंगामा नागपुर में देशपांडे हॉल के बाहर हुआ। जहां केजरीवाल लोकपाल के मुद्दे पर बोल रहे थे। हंगामे के बाद केजरीवाल समर्थकों ने भी झंडे दिखाने वालों की पिटाई कर दी। प्रदर्शनकारी केजरीवाल पर संघ और भाजपा के लिए काम करने का आरोप लगा रहे थे।  पुलिस ने बीच बचाव किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हंगामे के बाद केजरीवाल ने कहा कि झंडे दिखाने वालों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने मेरे ऊपर जूते फेंकने वाले युवक से भी बैठकर बातचीत की थी।

शनिवार को केजरीवाल ने केंद्र सरकार फोन टेप करने का आरोप लगाया था। केजरीवाल लखनऊ में भी निशाना बनाए जा चुके हैं। लखनऊ में केजरीवाल पर एक युवक ने जूता फेंका था। जूता फेंकने वाले जितेंद्र पाठक नामक युवक का कहना था कि उसने केजरीवाल को इसलिए जूता मारा है, क्योंकि वह देश की जनता को बरगला रहे हैं। इससे पहले टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण के साथ भी मारपीट की गई थी।

रिटायर्ड जज करेंगे टीम अन्ना पर लगे आरोपों की जांच

विवादों से त्रस्त टीम अन्ना ने जनता के बीच अपनी साफ छवि को बरकरार रखने के लिए एक अनोखा फैसला किया है। अन्ना की कोर टीम के खिलाफ लग रहे आरोपों की जांच रिटायर्ड जज की कमिटी से कराने का फैसला किया गया है। इसके लिए किसी नामी पूर्व जज की तलाश शुरू हो गई है। टीम अन्ना के अहम सदस्य प्रशांत भूषण को जांच के लिए रिटायर्ड जज ढूंढऩे और उन्हें इस काम के लिए रजामंद करने की जिम्मादारी सौंपी गई है। सिविल सोसाइटी की इस जांच कमिटी की घोषणा अगले 15 दिनों के भीतर कर दी जाएगी। प्रशांत भूषण ने बताया,  यह फैसला खुद अन्ना हजारे ने लिया है। मैं इसके लिए जजों से बात कर रहा हूं।  उन्होंने कहा कि यह कमिटी किरन बेदी, अरविंद केजरीवाल जैसे टीम के अहम सदस्यों के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करेगी। गौरतलब है कि लगातार उठ रहे विवादों के कारण टीम अन्ना भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के लिए आचार संहिता तैयार करने की बात पहले ही कह चुकी है। आचार संहिता तैयार होने के बाद कोर कमिटी का पुनर्गठन भी होना है।

जनमत संग्रह में अमेठी में राहुल हारे
अमेठी ने जनलोकपाल के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ छोड़ दिया. राहुल गांधी के क्षेत्र अमेठी में टीम अन्ना की ओर से कराए गए जनमत संग्रह में   अमेठी ने जनलोकपाल के मुद्दे पर राहुल गांधी का साथ छोड़ दिया है.  करीब 98 फीसदी लोगों ने जनलोकपाल बिल का समर्थन किया है. सर्वे में पूछा गया था कि सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी जनलोकपाल बिल का संसद में विरोध करते हैं तो क्या आगामी चुनाव में कांग्रेस को वोट देंगे, जिसके जवाब में लोगों ने अपनी राय रखी. 98.30 फीसदी लोग जनलोकपाल बिल के समर्थन में नजऱ आए.

अन्ना बलि का बकरा
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर अन्ना टीम पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके सहयोगी उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं। उन्होंने अन्ना  को बेहद सरल और आसानी से किसी के भी प्रभाव में आ जाने वाला व्यक्ति बताया। दिग्विजय ने कहा कि अन्ना के आसपास जो लोग हैं, उनका अपना राजनीतिक एजेंडा है। अपने राजीतिक एजेंडा पूरा करने के लिए अन्ना हजारे बलि का बकरा या उनका मुखौटा बनाए जा रहे हैं। दिग्विजय के अनुसार, अन्ना हजारे की विश्वसनीयता उनकी टीम के सदस्यों, अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी और प्रशांत भूषण से कहीं अधिक है। ये लोग अन्ना हजारे का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकपाल विधेयक पारित नहीं होने पर पार्टी के खिलाफ राजनीतिक प्रचार करने को लेकर लगातार बयान बदलने के लिए हजारे पर निशाना साधा। सिंह ने कहा था कि हजारे लोकपाल मुद्दे पर विरोधाभासी बयानों के चलते अपनी विश्वसनीयता खो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अन्ना के प्रचार का प्रभाव शून्य होगा। किसी दिन वह कहते हैं कांग्रेस को हराओ। दूसरे दिन वह कहते हैं मैं किसी पार्टी के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट उम्मीदवारों के खिलाफ हूं। अगले दिन वह कहते हैं, मैं कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करूंगा। उन्हें बोलने से पहले अपना मन बना लेना चाहिए।

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