भोपाल, 5 सितंबर. भारत सरकार के न्याय मंत्रालय एवं संयुक्त राष्ट विकास कार्यक्रम के सहयोग से ग्रामीण अंचलों के निराश्रितों की सामाजिक सुरक्षा का सुनिश्चित करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वामी विवेकानन्द शिक्षा समिति के संयुक्त तत्वाधान में गीता मानस भवन में सामाजिक अंकेक्षण व जन सुनवाई का आयोजन किया गया.

जन सुनवाई कार्यक्रम का उद्ïघाटन स्वाति मेहता संयुक्त राष्टï्र विकास कार्यक्रम की प्रतिनिधि, डॉ. पवन कुमार रजिस्ट्रार भू-राजस्व एवं जमुना शर्मा महिला डैक्स पुलिस विभाग द्वारा किया गया एवं ग्राम हीरापुर के बच्चों द्वारा महिला भूमि दंपत्ति एवं अन्य संसाधन आधिकार पर नाटक का मंचन किया गया. जन सुनवाई में सीहोर ग्रामीण क्षेत्र के 92 आवेदकों ने सामाजिक सुरक्षा, वृद्घापेंशन, विधवा पेंशन, अपंग व्यक्ति पेंशन, मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून से संबंधी विभिन्न अनियमितता और शिकायतों के प्रकरण एक स्वतंत्र पैनल के समक्ष प्रस्तुत किए गए. निशक्तजन कमला बाई ने अपनी शिकायत करते हुए बताया कि समस्त दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करने के बावजूद भी एक वर्ष बीतने पर भी निशक्त पेंशन मिलना प्रारंभ नहीं हुई है.

इसी प्रकार ममता परमार निवासी हीरापुर, के पति को गुजरे एक वर्ष से अधिक हुआ. आज भी वहां राष्टï्रीय परिवार सहायता योजना के तहत सहायता का इंतजार कर रही है. चंद्रा मालवीय निवासी कोडिया छितु, गत छ: माह से अपने राशन कार्ड बनवाने हेतु प्रयास कर रही है. जिस हेतु उन्होने सभी संबंधित अधिकारी एवं पंचायत में आवेदन प्रस्तुत किया था. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत श्रीमति ओमवती बाई, निवासी ग्राम संग्रामपुर के द्वारा आवेदन तीन माह पहले प्रस्तुत किया गया था.

लेकिन अभी तक वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त नहीं हुई. शारदा बाई निवासी कोडिया छितु महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून के तहत कार्य किये थे. गत तीन माह से उन्हे भुुगतान प्राप्त नहीं हुआ है. 92 प्रकरणों में से अधिकतर प्रकरण निशक्तजनों का पेंशन, वृद्घापेंशन, विधवा पेंशन, मुख्यमंत्री आवास योजना एवं राशन कार्ड एवं महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून का प्रकरण से संबंधित थे. जनसुनवाई में उपस्थित विधिक अधिकारी एससी खरे ने जनपद पंचायत स्तर में शिथिलता को स्वीकार करते हुए कहा कि हमार प्रयास होगा कि समस्त प्रकरणों को जिला न्यायालय के माध्यम से त्वरित कार्यवाही करके पात्र लोगों को पेंशन आवास योजना का लाभ जारी करेंगे.दिल्ली उच्च न्यायालय कि अधिवक्ता वर्षा चंद्रा ने कहा कि सभी निराश्रितजनों को संगठित रुप से एक होकर शासन पर दबाव बनाना चाहिए.

उन्होने कहा कि सरकार द्वारा महज योजना लागू कर देने से कुछ नहीं होने वाला बल्कि प्रशासनिक अमले को जवाबदेही और निराश्रितों के प्रति संवेदनशील ढंग से समय से काम करने के जरुरत हैं. नोरिन निगम सचिव जिला विधिक प्राधिकरण ने कहा कि जहां संविधान में नागरिकों को मूल अधिकार दिए हैं वहां राज्य के लिए कुछ कर्तव्य सुनिश्चित किए गए हैं. प्रति एक नागरिक का यह भी मूल अधिकार है कि वह अपने अधिकारों को मांग सके. इस अधिकार के सफल होने के लिए जिला विधिक प्राधिकरण का यह कर्तव्य है कि वह उन नागरिकों को विधिक सहायता उपलब्ध कराये जो अपने अधिकारों को संरक्षण रखने के लिए न्यायतंत्र तक पहुंचने में असमर्थ हैं. उन्होने कहा कि इस जनसुनवाई कार्यक्रम में पंजीकृत 92 आवेदकों में सुनवाई हुई.

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