भोपाल,8 जून,कमिश्नर प्रवीण गर्ग ने कलेक्टर्स कान्फ्रेंस एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी जिम्मेदारी से अपने दायित्व निभा? और स्वस्थ मानसिकता से कार्य करें.

बैठक के प्रथम सत्र में शिक्षा,स्वास्थ्य खाद- बीज,नल जल योजनाओं के संचालन ,सडक,बिजली, पानी आदि पर चर्चा की र्ग्इ. बैठक में कमिश्नर ने शिक्षा पर चर्चा के दौरान पुस्तक,साईकिल और गणवेश वितरण की तैयारियों का जायजा लिया और निर्देश दिए कि शिक्षण सत्र शुरू होने का इंतजार न करते हुए सभी तैयारियॉ समय रहते पूरी कर ली जांय. खाद बीज की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने अग्रिम उठाव और भण्डारण के इंतजामों की समीक्षा की. कमिश्नर ने कलेक्टर्स को ताकीद की कि वे यह बात को अपने जेहन में रखें कि यह संभाग सोयाबीन उत्पादक है जिसे ध्यान में रखते हुए सोयाबीन बीज की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित कर ली जाय ताकि एन वक्त पर किसानों को इसके लिये भटकना न पडे.

उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि उन संस्थाओं से अभी सम्पर्क कर लिया जाय जहां से पूर्व में सोयाबीन बीज की पूर्ति होती रही है. उन्होंने कहा कि यह देख लिया जाना चाहिये कि बीज गुणवत्तापूर्ण हो.स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होने डाक्टर्स एवं दवाओं की उपलब्धता और टीकाकरण पर चर्चा की. कमिश्नर ने निर्देश दिए कि वर्षा के मद्देनजर जलजनित बीमारियों से निपटने के व्यापक इंतजाम किए जाए. पहुच विहीन क्षेत्रों में दवा की उपलब्धता अभी से सुनिश्चित की जाय. हर जिले में कॉम्बेट टीमें गठित की जाये..

जो सतत भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखें. चिकित्सालयों में एक्सरे सहित अन्य उपकरण और चिकित्सकों की स्थिति की समीक्षा के दौरान कमिश्नर श्री प्रवीण गर्ग ने साफ निर्देश दिए कि अटैच्ड चिकित्सकों के अटैचमेंट तत्काल समाप्त किए जांय और आदेश का पालन न करने वाले चिकित्सकों का वेतन रोक दिया जाय. उन्होंने कहा कि जिन एक्सरे मशीनों में सुधार की गुंजाइश हो उन्हें सुधरवा लिया जाय और जो सुधार योग्य नहीं है उन्हे राइट आफ कर दिया जाय. कमिश्नर ने कुपोषण पर चर्चा के दौरान अटल आरोग्य मिशन के क्रियान्वयन की जानकारी ली. बैठक में नलजल योजनाओं के क्रियान्वयन ,पानी के परिवहन,मुख्यमंत्री सडक,पुल-पुलियाओं की स्थिति पर चर्चा की गई.

बिना सर्टीफिकेशन के कोई ट्रेनिंग नही

ए सी एस तकनीकी शिक्षा श्रीमती अजिता बाजपेयी ने गुणवत्तायुक्त व्यवसायिक प्रशिक्षण,आई टी आई के सुदृढीकरण,उन्नयन और अल्पावधि योजनाओं की प्रशिक्षण क्षमताओं को बढाने पर कलेक्टर्स से चर्चा की. श्रीमती बाजपेयी ने कहा कि बिना सर्टीफिकेशन के ट्रेनिंग का कोई महत्व नहीं है. अब जो ट्रेनिंग दी जांयेगी वह सर्टीफिकेशन के ही होंगी. उन्होंने स्किल डेवलपमेंट सेंटर की अवधारणा समझाते हुये बताया कि इस योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय व्यक्तियों को उनके निवास के नजदीक मांग के अनुरूप तकनीकी ज्ञान देकर रोजगार पाने योग्य बनाना है.
ए सी एस श्रीमती बाजपेयी ने कलेक्टर्स से कहा कि वे अपने भ्रमण के दौरान यह जरूर देखें कि कहां किस तरह के प्रशिक्षण चल रहे हैं और वे भविष्य में कितने कारगर साबित होंगे. आई टी आई की स्थिति कैसी है और वे कैसा कार्य कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यह प्रयास किए जा रहे हैं कि जिले की आई टी आई को मार्डन आई टी आई के रूप में उन्नत किया जाय. उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जहां भी आई टी आई भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है वह गुणवत्तापूर्ण हो और कार्य तत्परता से पूरे किए जांय.

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