भोपाल,13 अप्रैल, नभासं. नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज राज्य सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में उठाए गए मुद्दों को एक किताब की शक्ल देकर इन्हें जनता जनार्दन तक पहुंचाने के लिए दरकती सरकार शीर्षक से पुस्तक का विमोचन किया.जिसका प्रकाशन कांग्रेस विधायक दल की ओर से किया गया है.

सिंह ने यहां पत्रकारों के समक्ष इस पुस्तक दरकती सरकार को जारी करते हुए कहा कि इसमें उठाए गए मुद्दों से प्रत्येक आम व्यक्ति को अवगत कराना पार्टी का लक्ष्य है और इसके लिए अगले महीने से पार्टी विधायक कार्यकर्ता और अन्य नेता राज्य के व्यापक दौरे करेंगे. उन्होंने कहा कि इस किताब में राज्य में अवैध खनन से लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति और हर संवेदनशील मसलों को उठाया गया है. सिंह ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि राज्य में अवैध उत्खनन नहीं हो रहा है लेकिन यह सत्य नहीं है. मुरैना,भिंड,टीकमगढ और पन्ना के अलावा अन्य जिलों में भी अवैध उत्खनन हो रहा है. यही वजह है कि मुरैना जिले में युवा पुलिस अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या कर दी गयी. उन्होंने कहा कि अधिकारी की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रहा है. उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री को राज्य में अवैध खनन से संबंधित प्रत्येक प्रकरण की जांच भी सीबीआई के हवाले कर देना चाहिए.

प्रभात आरोप साबित करें-अजय सिंह

नेताप्रतिपक्ष ने कहा कि सीधी जिले के साडा गांव के पास आदिवासियों की जमीन पर उनके परिजनों द्वारा कब्जा करने संबंधी अपने आरोप प्रभात झा साबित करें अन्यथा बिना शर्त माफी मांगें. सिंह ने कहा कि  झा यदि आरोप सिद्ध नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सीधी जिले के उसी क्षेत्र में जाकर माफी मांगना चाहिए जहां उन्होंने इस तरह के आरोप लगाए थे.  सिंह ने  झा की ओर से राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष की गयी शिकायत का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें वास्तव में न तो कोई शिकायतकर्ता है और न ही तथ्य शपथपत्र के साथ पेश किए गए हैं. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके पिता एवं दिवंगत अर्जुन सिंह ने गरीब आदिवासियों की जमीनें वितरित ही की हैं.

उन्होंने कहा कि वास्तव में आरोप में कोई दम है तो राज्य  सरकार कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती. राज्य में उसकी आठ वर्षों से सरकार है. एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि झा उन्हें घेरने का प्रयास कर रहे हैं वह करें क्योंकि वह इसके लिए स्वतंत्र और सक्षम हैं लेकिन इसके मास्टर माइंड को प्रभात डेंजर से सावधान रहना चाहिए. हालाकि उन्होंने मास्टर माइंड के नाम का खुलासा नहीं किया.गौरतलब है झा ने गुरुवार को राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत की है कि  सिंह और उनके परिजनों ने सीधी जिले के साडा गांव क्षेत्र में स्थित अपने निवास के आसपास आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर लिया है.

नरसिंहपुर घटना की सीबीआई जांच हो

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह ने आज फिर कहा कि नरसिंहपुर जिले में पिछले माह कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या की जांच सीबीआई से कराई जाए. सिंह ने पत्रकारों से कहा कि इस हत्याकांड के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रहलाद पटेल के परिजनों के नाम सामने आए हैं. इसलिए वह पहले ही इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर चुके हैं.

उन्होंने कहा कि इस मामले में पटेल के अनुज जालम सिंह पटेल और भतीजे मोनू पटेल के नाम सामने आए हैं. भाजपा नेता प्रहलाद पटेल ने अपने त्यागपत्र की पेशकश करके सरकार पर दबाव बनाया और मामले की पुलिस के अपराध अनुसंधान विभाग से जांच की मांग की जिसे मान लिया गया. सीआईडी जांच का क्या हश्र है यह सभी के सामने हैं. अभी तक आरोपी गिरफ्तार भी नहीं हुए हैं. नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव के पास पिछले माह कांग्रेस कार्यकर्ताओं मनोज चौकसे और बलराम राजपूत की हत्या कर दी गयी है. इन्होंने जिले में कथित माफियाओं और कुछ ठेकों में अनियमितताएं उठाते हुए विरोध किया था. इस मामले में श्री पटेल के परिवार पर आरोप लगाए गए हैं.

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