नई दिल्ली, 17 अप्रैल. विपक्ष और सहयोगियों के निशानों को झेल रही कांग्रेस पार्टी फिलहाल अंदरूनी विरोध और असंतोष को लेकर परेशान है. इनमें राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड प्रमुख हैं. हालांकि इनमें से कई राज्यों में बगावती तेवरों का अहसास पहले ही होने लगा था, लेकिन इसमें तेजी तब आनी शुरू हुई, जब पार्टी ने देशभर में संगठन में बदलाव की बात कही.

कांग्रेस आलाकमान के लिए सबसे ज्यादा मुश्किलें राजस्थान और आंध्र प्रदेश में आ रही है. इन दोनों ही राज्यों में लंबे समय से वहां के विधायक और प्रदेश संगठन अपने नेतृत्व से नाखुश हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ शिकायत लेकर वहां के असंतुष्ट विधायक और नेताओं का दल कई बार दिल्ली आकर पार्टी के अहम नेताओं से मिल चुका है. राजस्थान के असंतुष्ट खेमे ने अपना पक्ष पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर महासचिव राहुल गांधी तक के सामने रखा है. वे लोग लगातार नेतृत्व बदलाव की मांग कर रहे हैं. इतना ही नहीं, पिछले एक साल में राजस्थान में जिस तरह से पार्टी नेताओं के विवाद सामने आए और भरतपुर में दंगे वाले मामले में गहलोत की कार्यशैली ने केंद्रीय नेताओं की नाराजगी को बढ़ाया है. दूसरी ओर आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी की दिक्कत यह है कि वह अभी तक पार्टी के असंतुष्ट धड़े पर अपनी पकड़ नहीं बना पाए हैं. दूसरी ओर महाराष्ट्र के सीएम पृथ्वीराज चव्हाण के खिलाफ भी प्रदेश संगठन और सरकार में असंतोष काफी है. चव्हाण अपनी कार्यशैली के चलते राज्यभर में आलोचना का केंद्र बन रहे है. एनसीपी के साथ बेहतर तालमेल न कर पाने के साथ-साथ महाराष्ट्र की राजनीति पर ठीक तरह से सटीक पकड़ न होने की वजह से उनके खिलाफ माहौल तैयार हो रहा है.

विजय बहुगुणा का भी विरोध
उत्तराखंड में हाल ही में बने नए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी अभी तक असंतुष्ट नेताओं को मना नहीं पाए हैं. उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद सिंह हुड्डा के खिलाफ भी हरियाणा में असंतोष के सुर फूटने लगे हैं. पिछले दिनों हरियाणा से यूथ कांग्रेस का एक दल पार्टी महासचिव राहुल गांधी से आकर मिला, जिसका कहना था कि हरियाणा की कांग्रेस राजनीति में दलितों को आगे आने का मौका नहीं दिया जा रहा. कांग्रेस की दिक्कत यह है कि वह कई मामलों में चाहकर भी कोई फैसला नहीं कर पा रही है. इसकी एक बड़ी वजह है कि इनमें से कई राज्यों में अगले 2 वर्षों में चुनाव होने हैं. इसलिए वह फिलहाल जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती.

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