नई दिल्ली, 6 दिसंबर. कांग्रेस ने सोमवार को टीम अन्ना की सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को जंतर मंतर पर बुलाकर लोकपाल विधेयक पर अपना नजरिया रखने के प्रस्ताव पर रुख साफ करने से इनकार कर दिया.

कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी से जब पूछा गया कि न्यौता मिलने पर क्या उनकी पार्टी के नेता वहां जाएंगे, उन्होंने कहा कि जब यह स्थिति सामने आएगी तब इस बारे में सोचा जाएगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हजारे और उनकी टीम राजनीति में आ गई है, लेकिन वे अराजनीतिक होने का दिखावा करते हैं. टीम अन्ना ने सभी दलों के नेताओं को 11 दिसंबर को जंतर – मंतर पर आने का न्यौता दिया है. इस दिन हजारे का एक दिन का अनशन करने की योजना है.

क्या है अन्ना की तमन्ना ?
टीम अन्ना की मेंबर किरन बेदी ने सोमवार को ट्वीट किया 11 दिसंबर, जंतर-मंतर पर लोकपाल पर बहस. आइए, सुनिए, सवाल कीजिए और शक दूर कीजिए. राजनीतिक प्रतिनिधि बात रखने के लिए आमंत्रित हैं. टीम अन्ना का यह रुख पहले के कई निर्णयों से बिल्कुल उलट है. पूर्व में अन्ना हजारे ने कहा था कि वह अपने उपवास में किसी राजनेता को आमंत्रित नहीं करेंगे.

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