बारदाने की राजनीति

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

भोपाल, 4 मई, नभासं. प्रदेश कांग्रेस द्वारा आज सुबह 11 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक राज्य के सभी जिलों में गेहूं खरीदी केंद्रों और मंडियों पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया.

राजधानी में कांग्रेस जिला अध्यक्ष पीसी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व किसानों ने करोंद गल्ला मंडी के सामने प्रदर्शन किया. जिला अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि राजधानी समेत सभी जिला मुख्यालयों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की हालत बिगड़ी हुई है. सरकार सिर्फ किसानों को झूठे आश्वासन देकर अपना फर्ज निभा रही है. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी कार्यक्रम से राजनीतिक फायदा उठाने और भाजपा समर्थक दलालों को मालामाल करने के लिए किसानों के हितों को नजर अंदाज करके गेहूं खरीदी कार्यक्रम को तहस-नहस कर डाला है.

राज्य सरकार को प्रदेश के किसानों के साथ ऐसा मजाक नहीं करना चाहिए था. कांग्रेस ने कहा भाजपा सरकार किसानों के साथ बहुत असंवेदनशील व्यवहार कर रही है. बीज, खाद और बिजली को लेकर तो उसने किसानों को सताया ही है, अब उनकी उपज के वाजिब दाम देने में भी वह उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है. गेहूं खरीदी की यह व्यवस्था 15 मार्च से प्रारंभ होकर 20 मई तक, कुल 67 दिन चलना थी, किंतु 20 अप्रैल के बाद मुख्य मंत्री द्वारा बारदानों को लेकर जो निरर्थक होहल्ला मचाया गया, उसके परिणाम स्वरूप पिछले 10-15 दिन गेहूं खरीदी का कार्य बाधित होने से किसानों से उनका गेहूं नहीं लिया गया. अत: कांग्रेस की मांग है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कार्यक्रम की अवधि  20 मई से बढ़ाकर 31 मई 2012 की जाए.

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